स्वास्थ्य विभाग की टीम जहां नहीं पहुंच सकती, वहां अब एसडीआरएफ एंटीजन टेस्ट करेगी। इसके लिए फोर्स के 18 पैरामेडिक्स स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही एसडीआरएफ के जवान होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों से लगातार संपर्क कर उन्हें जरूरी जानकारी देंगे।
बता दें कि एसडीआरएफ ने लॉकडाउन के दौरान लोगों की मदद के लिए बेहद अच्छी भूमिका निभाई थी। फिर चाहे वह लोगों को खाना वितरित करने की हो या फिर प्रवासियों को घर वापस लाने की। दुर्गम स्थानों पर लोगों की मदद भी इस दौरान एसडीआरएफ ने की।
एसडीआरएफ कमांडेंट तृप्ति भट्ट ने बताया कि एंटीजन टेस्ट के लिए 18 कर्मचारियों को तीलू रौतेली छात्रावास में दो चरणों में प्रशिक्षण दिया गया है। जरूरत पड़ने पर यह टीम दुर्गम स्थानों तक पहुंचकर लोगों के टेस्ट करेगी।
- करीब छह लाख लोगों को प्रदेश में वापस लाने में अहम भूमिका।
- 80 हजार से ज्यादा लोगों को खाना वितरित किया गया।
- 80 हजार से ज्यादा मास्क और 12 हजार से ज्यादा सैनिटाइजर की बोतलें बांटी।
- 15 हेल्पलाइन नंबर जारी किए, जिनके माध्यम से लगभग एक लाख लोगों ने समस्याएं बताईं।
- 32 हजार छात्र, छात्राओं, ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया गया।