श्मशान घाट के पुजारी आचार्य अनिल कुमार शर्मा का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते जिस तरीके से लोगों की मौतें हो रही हैं। श्मशान घाट में एक-एक दिन में 25 से अधिक शव अंतिम संस्कार के लिए लाए जा रहे हैं। ऐसा हृदय विदारक नजारा उन्होंने जिंदगी में कभी नहीं देखा। एक दिन में 25 शवों का अंतिम संस्कार उन्होंने जिंदगी में कभी नहीं कराया।
श्मशान घाट के कई कर्मचारी बीमार
लक्खीबाग श्मशान घाट के कई कर्मचारी भी पिछले कई दिनों से बीमार हो गए हैं। कई कर्मचारियों के बीमार हो जाने से श्मशान घाट में शवों के अंतिम संस्कार में तमाम दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में श्मशान घाट प्रबंधन समिति और आचार्य की ओर से दिहाड़ी मजदूरों को लाया गया है जो आचार्य की देखरेख में कर्मकांड करवा रहे हैं।
अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं, परिजन परेशान
लक्खीबाग श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं होने पर शवों के साथ परिजनों को प्रेमनगर, टपकेश्वर महादेव और चंद्रबनी स्थित श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए भेजा जा रहा है। लेकिन, वहां भी बहुत अधिक भीड़ होने की वजह से मृतकों के परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।