महाराष्ट्र और दिल्ली से कोटद्वार आए तीन लोगों पर कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए जाने पर उन्हें स्वास्थ्य विभाग ने आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया है। तीनों के सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया है।
बेस अस्पताल के डा. सुनील शर्मा ने बताया कि 21 मई को महाराष्ट्र से कोटद्वार आए लोगों को गुरुरामराय स्थित संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है। यहां पर दो लोगों को बुखार की शिकायत हुई थी। सूचना मिलने पर उनकी जांच की गई, जिसमें उनमें कोरोना संक्रमण के प्रथम दृष्टया लक्षण पाए गए। इसके बाद उन्हें तत्काल आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया है।
उधर, गत 19 मई को दिल्ली से जयहरीखाल ब्लाक के एक गांव के क्वारंटीन सेंटर में पहुंचे युवक को बुखार आने की लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को सूचना दी। जांच में युवक को तेज बुखार, खांसी और छाती में ऐंठन की शिकायत पाई गई। कोरोना संदिग्ध पाए जाने पर उसे कोटद्वार लाकर आईसोलेट किया गया है। तीनों के सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोमवार की रात फेसबुक पर लाइव आकर राज्य में क्वारंटीन सेंटरों पर सामने आ रही अव्यवस्थाओं और उसने प्रवासियों को हो रहीं दिक्कतों पर चिंता जाहिर की। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि तत्काल समस्या पर ध्यान दें, इसका समाधान कराएं।
उन्होंने सरकार के साथ ही विपक्ष से भी सहयोग करने की अपील की। कहा कि हम क्वारंटीन सेंटरों का जायजा लेकर कम से कम साबुन, मास्क, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर सकते हैं।
प्रवासियों का होटल में बदइंतजामी का आरोप
वहीं सोमवार को फ्लाइट के जरिए दिल्ली और मुंबई से पहुंचे प्रवासियों ने त्यागी रोड स्थित दो होटलों में जमकर हंगामा किया। उन्होंने एयरपोर्ट पर पेड होटलों के बारे में सही जानकारी न देने का आरोप लगाया। साथ ही घर भेजने की मांग की। देर शाम मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे तब मामला शांत हुआ।
होम क्वारंटीन होने के बजाय दुकान खोलने पर एक व्यापारी के खिलाफ डालनवाला पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा बिना मास्क के सड़क पर घूमने के आरोप में नौ लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
डालनवाला कोतवाली के दरोगा दीपक सिंह रावत ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि सिद्धनाथ गौतम 12 मई को जालंधर से लौटे थे। पुलिस की ओर होम क्वारंटीन किए जाने के बाद भी आरोपी ने 13 और 14 मई को दुकान खोल ली।
आसपास के लोगों की शिकायत पर धारा पुलिस चौकी हरकत में आई। चीता पुलिस मोबाइल दुकान पर पहुंची तो आरोपी फरार हो गया। होम क्वारंटीन के नियमों के उल्लंघन पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
कोरोना को लेकर सील हुए लक्सर तहसील क्षेत्र के सभी गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने फैमिली सर्वे पूरा कर लिया है। विभाग की 19 टीमों ने 1743 परिवार के 9975 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की है। अब इन गांवों के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण की तैयारी की जा रही है।
22 मई को लक्सर ब्लॉक के दाबकी महेसरी गांव निवासी थैलीसीमिया से पीड़ित सात साल के बच्चे में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसी दिन देर शाम मुंबई से वापस आए दरगाहपुर, मुंडाखेड़ा कलां के दो युवकों की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। उसके बाद प्रशासन ने इन सभी गांव को सील कर दिया था। अब इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इन गांवों में फैमिली सर्वे का कार्य भी पूरा कर लिया है।
कार्यक्रम प्रबंधक आशीष शर्मा ने बताया कि सात टीमों ने दरगाहपुर में 452 परिवारों के 2563 लोगों की जांच की है। इसके अलावा दाबकी महेसरी में पांच टीमों ने सर्वे कार्य किया है। दाबकी में 488 परिवार के 2843 लोगों महेसरी में 119 परिवार के 749 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की है। वहीं मुंडाखेड़ा कलां में सात टीमों ने 684 परिवार के 3620 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की है।
ब्लॉक कॉर्डिनेटर सोहनलाल तंवर ने बताया कि सभी चारों गांवों में 1743 परिवार के 9775 सदस्यों की जांच पड़ताल में स्वास्थ्य ठीक मिला है। उन्होंने बताया कि अब सील हुए गांवों के बहालपुरी, भुरनी, गंगनौली, खड़ंजा कुतुबपुर, अकौढ़ा खुर्द में स्वास्थ्य परीक्षण का काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।