कोविन पोर्टल पर पंजीकरण के बिना स्लॉट बुक कराए ही टीकाकरण होने की खबरों के बीच सैकड़ों लोग टीकाकरण केंद्रों पर पहुंच गए। लेकिन वहां पहुंचकर पता चला कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। टीकाकरण के लिए पंजीकरण और स्लॉट बुक कराना जरूरी है। ऐसे में इन लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
टीकाकरण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि स्लॉट बुक कराने वाले लोगों के टीकाकरण के बाद कुछ डोज बच जाते हैं तो लोगों का मौके पर ऑफलाइन पंजीकरण के बाद टीकाकरण किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के तहत सिर्फ 10 फीसदी टीके ही लगाए जा सकते हैं। लेकिन लोगों में भ्रम हो गया कि बगैर स्लॉट बुक कराए ही टीका लगाया जा रहा है।
डॉ. राजीव दीक्षित का कहना है कि प्रतिदिन जिले में 2200 स्लॉट आवंटित किए जा रहे हैं। हालांकि जिले में टीकाकरण कराने वालों की संख्या को देखते हुए यह बहुत कम है। बताया कि सभी 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए टीके की कोई किल्लत नहीं है। जबकि 18 से 45 साल के लिए वैक्सीन नहीं होने से दिक्कतें आ रही हैं।
जिले को उपलब्ध कराई गई 20 हजार डोज
डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण के लिए केंद्र सरकार ने जिले के लिए 20 हजार डोज मुहैया कराई हैं। जबकि 16 हजार डोज बुधवार को मुहैया करा दी जाएंगी। ऐसे में जिले में टीके की 36 हजार डोज उपलब्ध होंगी।
66 फीसदी लोगों का टीकाकरण पूरा
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक देहरादून जिले में 45 साल से अधिक 5,16,414 लोगों का टीकाकरण किया जाना है। जिसमें से 66 फीसदी लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। जबकि 1,74,440 लोगों का टीकाकरण किया जाना बाकी है। पूरे राज्य में 45 साल से अधिक उम्र के 2,79,5248 लोगों का टीकाकरण किया जाना है जबकि अब तक सिर्फ 58 फीसदी लोगों का टीकाकरण हो पाया है।
3664 का हुआ टीकाकरण
नोडल अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को पूरे जिले में 3664 लोगों का टीकाकरण किया गया। जहां कोविशील्ड के 2912 टीके लगाए गए। वहीं, कोवैक्सीन के 752 टीके लगाए गए। 18 से 44 साल उम्र तक के 1078 लोगों को कोविशील्ड और 292 लोगों को कोवैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। जबकि 45 साल से अधिक उम्र के 1654 लोगों को पहली डोज और 14 लोगों को दूसरी डोज लगाई गई । वहीं, 45 साल से अधिक उम्र वाले 259 लोगों को कोवैक्सीन की पहली और 94 लोगों को दूसरी डोज लगाई गई।