राज्य क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. मयंक बडोला ने बताया कि जो लोग पहले से टीबी की दवाइयां खा रहे हैं। उन्हें यह भी फैसिलिटी दे दी गई है कि अगर वह बार-बार अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं तो स्वास्थ्य विभाग उन्हें घर पर ही एक-एक महीने की दवाई दे देगा।
अगर किसी मरीज को कुछ नहीं समझ में आ रहा है तो वह 104 पर कॉल करे। वहां से संबंधित डीटीओ और डॉक्टर या अस्पताल आदि के बारे में पूरी जानकारी दे दी जाएगी।
डॉ. बडोला के मुताबिक कम से कम छह महीने और अधिकतम डेढ़ साल दवाइयां डॉक्टर की सलाह पर लगातार खाएं। बीच में छोड़ने पर टीबी बिगड़ सकती है। यह मरीज के लिए घातक साबित हो सकता है। टीबी भी सांस के द्वारा एक-दूसरे को फैलती है। इसलिए मास्क लगाना इसमें भी लाभदायक है। घर या दफ्तर में वेंटिलेशन जरूर हो।