प्रदेश में अब जिलों के स्तर पर ऑक्सीजन की उपलब्धता की राह खुल गई है। प्रदेश सरकार ने सभी जिलों को ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन के तहत तुरंत प्रस्ताव भेजने को कहा है।
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प्रदेश में इस समय ऑक्सीजन प्लांट अल्मोड़ा और चंपावत में शुरू होने वाले हैं। सरकार के सामने मुसीबत यह है कि ऑक्सीजन की सप्लाई को निर्बाध रखने के लिए पर्वतीय जिलों तक ऑक्सीजन पहुंचानी पड़ रही है। इसी स्थिति को देखते हुए जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का फैसला किया गया है। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी के मुताबिक प्रदेश को इस समय ऑक्सीजन की सप्लाई मिल रही है।
जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन पर्याप्त है, लेकिन हर जगह ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता की समस्या सामने आ रही है। इसी को देखते हुए जिलों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य आपदा प्रबंधन निधि से ऑक्सीजन प्लांट के लिए पैसे की व्यवस्था होने से जिलों में अब तेजी से ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा सकेंगे।
कोविड संक्रमण के तेजी से मामले सामने आने के बाद से अब प्रदेश में ऑक्सीजन की मांग में खासा इजाफा हो गया है। एक साल पहले तक सालभर में केवल आठ मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत थी। अब यह करीब 20 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। प्रदेश में इस समय 3275 ऑक्सीजन कंसर्नट्रेटर हैं। करीब 9917 ऑक्सीजन सिलेंडर हैं और इनकी संख्या में करीब 500 का इजाफा और होने वाला है। केंद्र सरकार से इसकी अनुमति मिल गई है।
बलूनी की पहल पर ऑक्सीजन सिलिंडर का ट्रक पहुंचा देहरादून
राज्यसभा सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी के प्रयासों की बदौलत गुजरात से चला ऑक्सीजन सिलिंडर का ट्रक शनिवार को देहरादून पहुंच गया। सिलिंडर जिला प्रशासन के सुपुर्द हो गए हैं। ऑक्सीजन और ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी का सामना कर रही प्रदेश सरकार को बलूनी की इस पहल से बहुत बड़ी राहत मिली है।