प्रदेश में उद्योग, व्यवसायिक और निर्माण गतिविधियों से संबंधित पक्षों को अब कोरोना संक्रमण के कारण बार-बार की बंदी का नुकसान नहीं उठाना होगा। शासन की ओर से बुधवार को जारी एसओपी में यह साफ व्यवस्था की गई है कि कोरोना के मामलों में संबंधित संस्था में तैनात लाइजन अफसर ही जिला प्रशासन के लिए एकल संपर्क का जरिया होगा।
औद्योगिक संगठनों के मुताबिक इससे उन्हें खासी राहत मिलेगी। अभी तक फैक्टरी बंद हो जाने के डर से ही कई संचालक काम शुरू करने से कतरा रहे थे। कोरोना का एक मामला मिलने पर भी कारखाने या व्यवसायिक संस्थान पर बंद होने का खतरा मंडराने लगता था।
इसी तरह निर्माण मामलों में भी प्रदेश को इस एसओपी से राहत मिली है। कुंभ, चार धाम सहित अन्य कई निर्माण कार्य भी प्रदेश स्तर पर बड़े स्तर पर जारी हैं। एसओपी में निर्माण गतिविधियों को भी हरी झंडी दे दी गई है।
शासन के स्तर से अब यह एसओपी जिलाधिकारियों को भेज दी गई है। एसओपी में उद्योग, व्यवसायिक और निर्माण गतिविधियों के मामले में जिलाधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया गया है। ऐसे में उद्यमी स्थानीय स्तर पर भी अपनी समस्याओं को जिला प्रशासन के माध्यम से सुलझा सकेंगे।