गांवों में 90 फीसदी से अधिक कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं। पंचायती राज विभाग के जुटाए आंकड़ों के मुताबिक, 18 मई तक गांवों में 15981 संक्रमितों में 14851 होम आइसोलेशन में थे। केवल 1008 का इलाज अस्पतालों में हो रहा है। ऐसे में होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के समुचित इलाज की सुविधा के लिए रोड कनेक्टिविटी का बरकरार रखना जरूरी है ताकि स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें तत्काल कोविड केयर सेंटर में इलाज के लिए लाया जा सके।
राज्य में 25388 किमी ग्रामीण सड़कें
प्रदेश में 37319 किमी सड़कें हैं। इनमें से 25388 किमी सड़कें गांवों में हैं। कुल सड़कों में से 9511.20 किमी सड़कें कच्ची हैं। बरसात में यही कच्ची सड़कें सबसे ज्यादा बाधित होती हैं। 2091 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिनमें बरसात में ज्यादातर चट्टाने व मलबा आने के कारण अवरुद्ध हो जाते हैं।
मानक प्रचालन प्रक्रिया तैयार
कोविड और मानसून को ध्यान में रखते हुए विभाग ने मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर ली है। विभागीय इंजीनियरों को इसी एसओपी के हिसाब से सड़कों को खोलने के अभियान में जुटना होगा।
मैंने मानसून पूर्व की तैयारियों की समीक्षा की है। कोविड के कारण इस बार के हालात थोड़े भिन्न हैं। इसलिए विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे मार्गों को खोलने के रिस्पांस टाइम को कम करे। जितनी मशीनरी की आवश्यकता होगी, वो उपलब्ध कराई जाएगी।- आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव, लोनिवि