कोरोना संक्रमण की लहर को रोकने के लिए जनपद में चल रहा टीकाकरण अभियान गुरुवार को भी जारी रहा। टीकाकरण अभियान सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू कर दिया गया।
युवा टीका लगवाने के लिए सुबह से ही लाइन में खड़े हो गए थे। हालांकि, कुछ लोगों को स्लॉट नहीं मिलने से निराश होकर केंद्रों से वापस लौटना पड़ा। जनपद में तीन दिनों में 5381 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। गुरुवार को भी सभी केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है।
‘ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के लिए बनाएं पंजीकरण सुविधा केंद्र’
गोपेश्वर में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवा असमंजस में हैं। अधिकांश क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क न होने से वे अपना ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं, जबकि कई युवाओं को पंजीकरण के संबंध में पूर्ण जानकारी नहीं है। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के लिए पंजीकरण सुविधा केंद्र स्थापित कर गांव-गांव में वैक्सीनेशन कार्य करने की मांग उठाई।
जोशीमठ, निजमूला घाटी, उर्गम घाटी, डुमक, कलगोठ, पोखरी, घाट ब्लॉक क्षेत्र के कई गांवों में लोगों को वैक्सीनेशन की प्रक्रिया मालूम नहीं है। निजमूला घाटी के जितेंद्र सिंह का कहना है कि वैक्सीनेशन की प्रक्रिया जटिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में संचार सुविधा का अभाव है, साथ ही पोर्टल भी सही ढंग से काम नहीं कर रहा है।
क्षेत्र में पंजीकरण सुविधा केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए। वहीं पोखरी ब्लॉक के बगवान गांव निवासी प्रकाश चमोला का कहना है कि गांवों में टीकाकरण को लेकर ग्रामीणों को पंजीकरण की जानकारी नहीं है। पोर्टल पर भी पंजीकरण नहीं हो पा रहा है।
प्रशासन को अलग-अलग क्षेत्रों में पंजीकरण व टीकाकरण की व्यवस्था करनी चाहिए। इधर, कोविड इंचार्ज डा. उमा रावत ने बताया कि टीकाकरण के लिए जिले में 36 केंद्र बनाए गए हैं। जिले में 18 से 44 आयु वर्ग के 1.68 लाख लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं।