कोरोना काल में मानसिक रूप से परेशान चल रहे लोगों को देश के विख्यात मनोविज्ञानियों का साथ मिल रहा है। मनोसारथी कार्यक्रम के तहत हर शनिवार को वेबिनार आयोजित किया जाता है। इसमें इन विशेषज्ञों ने लोगों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए। साथ ही मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए कई तरह के टिप्स भी दिए।
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कार्यक्रम के स्टेट नोडल अधिकारी डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि इस वेबीनार में कुल 524 लोगों ने भाग लिया था। इसमें लोगों को बताया जा रहा है कि वह किस तरह से अपने को स्वस्थ रख सकते हैं। साथ ही यदि वे बीमार हें तो क्या लक्षण हैं? कब उन्हें अस्पताल जाने की जरूरत है? उन्होंने बताया कि वर्तमान के हालातों को देखकर लोग मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं।
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साथ ही वे अपने बारे में भी ऐसा ही सोच रहे हैं जो वे आसपास देख रहे हैं। उन्हें कभी परिवार की चिंता सता रही है तो कभी नौकरी की। ऐसे में कई बार लोग अवसाद की स्थिति में भी जा रहे हैं। ऐसे में सावधानी बरतनी बेहद आवश्यक है।
वेबिनार में शामिल विशेषज्ञ
- डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे, स्टेट नोडल अफसर
- डॉ. फरिदुजफर, ऑफिसर इंचार्ज, नेशनल हेल्थ मिशन
- डॉ. एसएल वाया, निदेशक, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गुजरात
- डॉ. राकेश कृपलानी, मनोवैज्ञानिक
मन को स्वस्थ रखने के टिप्स
क्या करें:
- अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करें।
- पौष्टिक आहार का सेवन करें।
- नियमित नींद लें।
-मनोरंजक गतिविधियों में समय बितायें।
-किताबें पढ़ें, संगीत सुनें।
-नियमित व्यायाम एवं योग करें।
-पारिवारिक सदस्यों के साथ नियमित बातचीत करते रहें।
क्या न करें:
-लगातार टीवी चैनल में खबरें न देखें।
-नकारात्मकता से दूर रहें।
-धूम्रपान एवं मदिरा का सेवन न करें।
-अनावश्यक घर से बाहर न घूमें।
-अनावश्यक भीड़ में न जायें।
-किसी भी चीज के बारे में जरूरत से अधिक भय, तनाव न लें।
लक्षण:
1-नींद न आना
2-भूख न लगना
3-किसी भी बारे में लगातार दिन रात वही ख्याल दिमाग में आते रहना
4-सॉसें व धड़कनें तेज चलना, पसीना आना
5-किसी भी कार्य में ध्यान व मन न लगना
6-जो कार्य कर रहे हैं, उस पर फोकस एवं ध्यान न लगना
7-चिड़चिड़ापन, भय एवं तनाव
8-परिवार के सदस्यों के साथ ठीक से बात न करना
बचाव:
1-तत्काल अपने परिवार के सदस्यों से बातचीत करें।
2-अपने मन की बात उनसे साझा करें।
3-अपने मित्रों के साथ बात करें।
4-अच्छी किताबें पढ़ें एवं ज्ञानवर्द्धक वीडियो देखें।
5-घर के आसपास खुले में टहलें
6-छत पर धूप लें, व्यायाम करें।
7-अधिक परेशानी हो तो 104 नंबर पर कॉल कर प्रशिक्षित परामर्शदाताओं (काउंसलरों) से परामार्श (काउंसिलंग) प्राप्त करें।