कावंड़ियों की भारी संख्या के चलते इस दौरान हरिद्वार शहर को भी बंद भी करना पड़ता है। सर्वाधिक कांवड़िये उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आते हैं। इसी के तहत प्रदेश मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया था कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वार्ता की जाए।
वार्ता के दौरान तीनों राज्यों के अधिकारियों ने कोविड-19 के कारण संक्रमण फैलने को लेकर आशंका जताई। कोविड-19 की गाइडलाइन के तहत भारी भीड़ को नियंत्रित करने में असमर्थता जताई गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि कोविड-19 को रोकने के लिए बहुत जरूरी है कि लोगों को बड़ी संख्या में एकत्र होने से रोका जाए। लोग जलाभिषेक स्थानीय स्तर पर निर्धारित गाइडलाइन का पालन करते हुए कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यात्रा में पंजाब, राजस्थान और दिल्ली आने वाले श्रद्धालुओं के चलते वहां के मुख्यमंत्रियों से शीघ्र वार्ता करने का निर्णय लिया है। इन राज्यों को भी कोविड-19 के चलते यात्रा संचालन में आने वाली दिक्कतों से अवगत करवाया जाएगा। इस बार यात्रा संचालित नहीं करने की स्थितियों की जानकारी भी दी जाएगी।