विधानसभा सत्र के दौरान सदन में दो गज की दूरी (सोशल डिस्टेंस) का पालन करते हुए विधायकों को बैठाने में विधानसभा प्रशासन को खासा मंथन करना पड़ रहा है। सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए सदन में मात्र 36 विधायकों के लिए ही जगह निकल रही है।
विधानसभा सत्र 23 सितंबर से शुरू हो रहा है। जिस तरह की स्थिति है उसमें सितंबर माह में भी कोरोना संक्रमण का प्रभाव रहने की आशंका है। इसी को देखते हुए विधानसभा के स्तर से सदन में विधायकों को सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए बैठाना तय किया गया है। सदन में कुल 72 सीटें हैं।
इसमें एक-एक सीट छोड़ते हुए अगर सदस्यों को बैठाया जाता है तो कुल 36 सदस्य ही सदन में मौजूद रह पाएंगे। ऐसा हुआ तो विधानसभा को फिर सदन की कार्यवाही को देखने के लिए आने वाले दर्शकों और मीडिया के लिए भी विधानसभा को अलग से व्यवस्था करनी होगी। विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल ने भी कहा कि कोरोना काल में सोशल डिस्टेंस एक बड़ा मुद्दा है।
दर्शक दीर्घा, मीडिया गैलेरी का हो सकता है उपयोग
विधानसभा के पास एक तरीका दर्शक दीर्घा और मीडिया कवरेज बॉक्स के उपयोग का भी है। विधानसभा मंडप से ये दोनो सटे हुए हैं और इस तरह से हैं कि सदन की कार्यवाही में सदस्य इनमें बैठकर शामिल हो सकते हैं। इस योजना पर फिलहाल काम किया जा रहा है। अभी फैसला होना बाकी है।
अन्य विकल्प
एक विकल्प विधानसभा परिसर में ही टेंट लगाने का है। गैरसैंण में इस तरह से सत्र आयोजित किया भी जा चुका है। इस पर भी अभी विधानसभा के स्तर से कोई फैसला नहीं हुआ है। एक अन्य विकल्प विधानसभा सत्र को देहरादून में ही किसी होटल में या अन्य पर्याप्त स्थान वाली जगह पर आयोजित करने का भी है। इसके लिए विधानसभा को अपने स्तर पर फैसला लेना होगा।
हमारे लिए विधायकों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। इसमें कोई कमी नहीं रखी जाएगी। हर पहलू पर विचार किया जा रहा है और सभी का सहयोग लेकर इस समस्या से निजात पाई जाएगी। इसमें कुछ पक्षों को थोड़ी बहुत परेशानी भी हो सकती है। जब भी फैसला होगा सबको जानकारी दी जाएगी।
- प्रेमचंद्र अग्रवाल, अध्यक्ष विधानसभा