कोरोना मरीजों के साथ कोविड अस्पताल परिसर में एक तीमारदार के रहने के आदेश फिलहाल यहां नहीं लागू हुआ है। कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने संबंध में आदेश दिया था। मरीजों की परेशानी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को इसका पालन करने के लिए कहा था। हालांकि, अब तक कोर्ट का आदेश या सरकार की गाइडलाइन स्थानीय प्रशासन के पास नहीं पहुंची है।
कोरोना के स्टेट को-ऑर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि छोटे बच्चे, गर्भवती या अन्य असमर्थ मरीजों के मामले में मानवीय आधार पर एक तीमारदार को उनके साथ रहने की अनुमति दी जा रही है। बाकी जो भी आदेश मिलेंगे उनका पालन कराया जाएगा।
होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों को नहीं मिल रही सरचार्ज में छूट
होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट संचालकों को तीन माह सरचार्ज में छूट देने की सरकार की घोषणा का पालन नहीं हो रहा है। ऊर्जा निगम की ओर से जो बिल इसमें वितरित किए जा रहे हैं, उसमें सरचार्ज जोड़कर भेजा जा रहा है। ऐसे में संचालक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
दरअसल, कोरोना की वजह से प्रदेश में होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट बंद पड़े हैं। सरकार ने इन्हें राहत देने के लिए अप्रैल से जून तक बिजली बिल से सरचार्ज में छूट देने की घोषणा की थी। लेकिन, ऊर्जा निगम इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को छूट का लाभ नहीं दे रहा है।
वर्तमान में जो बिल निगम की ओर से वितरित किए जा रहे हैं, उसमें सरचार्ज को यथावत रखा गया है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता बीरु बिष्ट ने विभाग को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में डायरेक्टर परिचालन अतुल अग्रवाल का कहना है कि सरचार्ज में छूट का लाभ दिया जा रहा है। अभी सभी की सूची अपडेट नहीं हुई है। इस वजह से बिल में सरचार्ज जुड़कर आ रहा है। इसे बाद में एडजस्ट कर दिया जाएगा।