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उत्तराखंड में कोरोना : जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो हरिद्वार के अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट पैदा हो सकता

Sun, 25 Apr 2021 12:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal जितेंद्र जोशी, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

ऑक्सीजन का है पूरा कोटा, पर सिलिंडरों का बना टोटा, सिलिंडरों की कमी के चलते पैदा हो सकता है ऑक्सीजन संकट, व्यवसायिक सिलिंडरों का प्रयोग ही अब अंतिम विकल्प।
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अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट पैदा हो सकता है - फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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विस्तार
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हरिद्वार जिला प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट पैदा हो सकता है। ऐसा नहीं है कि जिले के गैस प्लांटों में ऑक्सीजन की कमी है, लेकिन बढ़ती मांग के सापेक्ष अस्पतालों के पास ऑक्सीजन सिलिंडर ही नहीं है। ऐसे में फैक्टरियों में प्रयोग होने वाले ऑक्सीजन सिलिंडरों के अधिग्रहण से संकट दूर किया जा सकता है।

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हरिद्वार के निजी अस्पतालों में रोजाना 500 से अधिक डी टाइप (46.7 लीटर) और बी टाइप (10 लीटर) ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की खपत हो रही है। जबकि कोविड की दूसरी लहर से पहले ऑक्सीजन सिलिंडरों की दैनिक खपत केवल 250 ही थी। हरिद्वार में रोजाना 600 से एक हजार तक कोविड संक्रमित मिल रहे हैं। काफी संख्या में संक्रमित अस्पताल में भी भर्ती हो रहे हैं।
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नतीजतन अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त संख्या में सिलिंडर नहीं है। सिलिंडरों की कमी के चलते अस्पतालों में मरीजों की जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है।

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इमलीखेड़ा स्थित मां गंग गैसेज के प्लांट संचालक मयंक चोपड़ा ने बताया कि निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग चार गुना तक बढ़ गई है। 500 से अधिक सिलिंडर रोज रिफिल किए जा रहे हैं, लेकिन बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अस्पतालों के पास पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं हैं।

गौरतलब है कि देहरादून में ऑक्सीजन सिलिंडरों की कमी को पूरा करने के लिए प्रशासन फैक्टरियों से व्यवसायिक प्रयोग वाले सिलिंडर लेकर अस्पतालों को उपलब्ध करवा रहा है। जल्द ही हरिद्वार में भी ऐसे कदम नहीं उठाए गए तो सिलिंडरों की कमी के चलते ऑक्सीजन संकट की स्थिति बन सकती है।

ऑक्सीजन का व्यवसायिक प्रयोग करने वाली फैक्टरियों का चिन्हीकरण किया जा रहा है। अगर संकट जैसी स्थिति पैदा होती है तो तत्काल ऑक्सीजन गैस सिलिंडरों का अधिग्रहण किया जा जाएगा।
- सी. रविशंकर, जिलाधिकारी, हरिद्वार

अमीन और लेखपाल रखेंगे आक्सीजन सिलिंडरों का हिसाब

देहरादून जिले में अब अमीन और लेखपाल आक्सीजन सिलिंडरों का हिसाब रखेंगे। उन्हें अस्पतालों के अलावा घर पर उपचार के लिए सिलिंडर ले जानेवालों का भी पूरा ब्योरा रखना होगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में यह निर्देश दिए।

उन्होंने सभी एसडीएम को आक्सीजन की कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित तौर पर चेकिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमीन और लेखपाल आक्सीजन डीलरों और अस्पतालों की निगरानी करेंगे। इस दौरान उन्हें घर पर सिलिंडर ले जानेवालों का नाम, पता भी दर्ज करना होगा। साथ ही निर्धारित समय में वापसी भी सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होंने आक्सीजन और दवाओं की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। सीएमओ को आक्सीजन डीलर के यहां सिलिंडर की कीमत चस्पा करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पतालों में भी दवाओं और सुविधाओं की कीमत कैश काउंटर पर चस्पा करने के निर्देश दिए। 

जिलाधिकारी ने स्पोर्ट्स कॉलेज व आशारोड़ी का लिया जायजा

देहरादून जिलाधिकारी ने रायपुर स्थित स्पोर्ट्स कॉलेज में बनाए जा रहे कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि 70 आक्सीजन और 167 सामान्य बेड की व्यवस्था की गई है। कुल 200 आक्सीजन और 300 सामान्य बेड की व्यवस्था की जा रही है। शाम को उन्होंने एसएसपी डॉ. योगेंद्र रावत के साथ आशारोड़ी चेकपोस्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने संदिग्ध लक्षण वालों के सैंपल लेने और पूरा ब्योरा रखने के निर्देश दिए।
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औद्योगिक इकाइयों में ऑक्सीजन इस्तेमाल पर रोक

देहरादून जिले में ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। कोरोना मामलों में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन की आवश्यकता बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने उद्योगों को दी जा रही ऑक्सीजन स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आरक्षित करने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कोविड संक्रमण के बढ़ते प्रकोप और संक्रमितों की संख्या में हो रही अप्रत्याशित बढ़ोतरी के चलते जिले के कोविड अस्पतालों व कोविड केयर सेंटरों में ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता बढ़ सकती है। इसको देखते हुए औद्योगिक इकाइयों में सप्लाई होने वाले ऑक्सीजन सिलिंडरों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आरक्षित करना अब अति आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि सिलिंडरों की फिलिंग भी संबंधित फर्म ही करेगी। इसके अलावा उन्हें सिलिंडरों का पूरा विवरण भी रखना होगा। इसके तहत उन्हें सिलिंडर देने की तिथि, प्राप्तकर्ता का नाम, पदनाम, किस स्थान या सेंटर को दिया गया, सिलिंडर कब वापस मिला जैसी जानकारियां देनी होंगी।

उन्होंने कहा कि इससे आपदा प्रबंधन को विवरण देने और सत्यापन करने में आसानी रहेगी। उन्होंने ऑक्सीजन प्रबंधन के प्रभारी, नोडल और सह नोडल अधिकारी व सिडकुल सेलाकुई के क्षेत्रीय प्रबंधन को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए।

एसडीएम ने गोदामों में मारा छापा

एसडीएम सदर गोपाल राम बिनवाल के नेतृत्व में प्रशासन और जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने ऑक्सीजन गोदामों पर छापा मारा। इस दौरान उन्होंने गोदाम मालिकों को केवल अस्पतालों में ही ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योगों को दिए गए सभी सिलिंडर तुरंत वापस लेने और उन्हें अस्पतालों को देने को कहा। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के अलावा अन्य कहीं भी ऑक्सीजन देने वाले डीलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। एसडीएम बिनवाल ने कहा कि प्रशासन की देखरेख में ही ऑक्सीजन सिलिंडरों का वितरण किया जाएगा। 
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