देहरादून जिले में अब अमीन और लेखपाल आक्सीजन सिलिंडरों का हिसाब रखेंगे। उन्हें अस्पतालों के अलावा घर पर उपचार के लिए सिलिंडर ले जानेवालों का भी पूरा ब्योरा रखना होगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में यह निर्देश दिए।
उन्होंने सभी एसडीएम को आक्सीजन की कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित तौर पर चेकिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमीन और लेखपाल आक्सीजन डीलरों और अस्पतालों की निगरानी करेंगे। इस दौरान उन्हें घर पर सिलिंडर ले जानेवालों का नाम, पता भी दर्ज करना होगा। साथ ही निर्धारित समय में वापसी भी सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने आक्सीजन और दवाओं की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। सीएमओ को आक्सीजन डीलर के यहां सिलिंडर की कीमत चस्पा करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पतालों में भी दवाओं और सुविधाओं की कीमत कैश काउंटर पर चस्पा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पोर्ट्स कॉलेज व आशारोड़ी का लिया जायजा
देहरादून जिलाधिकारी ने रायपुर स्थित स्पोर्ट्स कॉलेज में बनाए जा रहे कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि 70 आक्सीजन और 167 सामान्य बेड की व्यवस्था की गई है। कुल 200 आक्सीजन और 300 सामान्य बेड की व्यवस्था की जा रही है। शाम को उन्होंने एसएसपी डॉ. योगेंद्र रावत के साथ आशारोड़ी चेकपोस्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने संदिग्ध लक्षण वालों के सैंपल लेने और पूरा ब्योरा रखने के निर्देश दिए।
देहरादून जिले में ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। कोरोना मामलों में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन की आवश्यकता बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने उद्योगों को दी जा रही ऑक्सीजन स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आरक्षित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कोविड संक्रमण के बढ़ते प्रकोप और संक्रमितों की संख्या में हो रही अप्रत्याशित बढ़ोतरी के चलते जिले के कोविड अस्पतालों व कोविड केयर सेंटरों में ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता बढ़ सकती है। इसको देखते हुए औद्योगिक इकाइयों में सप्लाई होने वाले ऑक्सीजन सिलिंडरों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आरक्षित करना अब अति आवश्यक हो गया है।
उन्होंने कहा कि सिलिंडरों की फिलिंग भी संबंधित फर्म ही करेगी। इसके अलावा उन्हें सिलिंडरों का पूरा विवरण भी रखना होगा। इसके तहत उन्हें सिलिंडर देने की तिथि, प्राप्तकर्ता का नाम, पदनाम, किस स्थान या सेंटर को दिया गया, सिलिंडर कब वापस मिला जैसी जानकारियां देनी होंगी।
उन्होंने कहा कि इससे आपदा प्रबंधन को विवरण देने और सत्यापन करने में आसानी रहेगी। उन्होंने ऑक्सीजन प्रबंधन के प्रभारी, नोडल और सह नोडल अधिकारी व सिडकुल सेलाकुई के क्षेत्रीय प्रबंधन को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने गोदामों में मारा छापा
एसडीएम सदर गोपाल राम बिनवाल के नेतृत्व में प्रशासन और जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने ऑक्सीजन गोदामों पर छापा मारा। इस दौरान उन्होंने गोदाम मालिकों को केवल अस्पतालों में ही ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योगों को दिए गए सभी सिलिंडर तुरंत वापस लेने और उन्हें अस्पतालों को देने को कहा। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के अलावा अन्य कहीं भी ऑक्सीजन देने वाले डीलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। एसडीएम बिनवाल ने कहा कि प्रशासन की देखरेख में ही ऑक्सीजन सिलिंडरों का वितरण किया जाएगा।