महाकुंभ में केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए सारे कार्य होंगे। यदि कोरोना को लेकर गाइडलाइन में 50 आदमी की अनुमति होगी, वहां हम चाहेंगे की 11 आदमी ही जाएं। कुंभ मेला अधिकारी जो निर्णय लेंगे, उसका पालन होगा। कोरोना की आफत बढ़ेगी तो हर अखाड़े से दो-दो आदमी नहाकर परंपरा का निर्वाह करेंगे। 13 अखाड़े के 26 लोग सांकेतिक स्नान करेंगे। इसमें कोई मतभेद नही है।
- श्री महंत हरिगिरी महाराज, महामंत्री, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद
दिल्ली में कोरोना के केस बढ़ना सभी के लिए चिंता का विषय है। महाकुंभ नजदीक आने तक क्या स्थिति बनती है, उसी आधार पर निर्णय लिया जाएगा। महामारी ज्यादा फैलती है तो 13 अखाड़ों के संत समाज की आपात बैठक बुलाई जाएगी। उसमें सिर्फ संत-महात्माओं के शाही स्नान की घोषणा होगी।
- श्रीमहंत नरेंद्र गिरी, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद
महाकुंभ धार्मिक आयोजन है। सरकार की पूरी तैयारी है। कोरोना के दृष्टिगत अखाड़ा परिषद व संत समाज जो भी निर्णय लेगा, सरकार उसका अक्षरश: पालन करेगी। सरकार केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन और कोरोना की तस्वीर संत समाज के समक्ष रखेगी। वे जो निर्णय करेंगे, उसका सम्मान होगा।
- मदन कौशिक, शासकीय प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री
केंद्र सरकार की एडवाइजरी है कि त्योहारी सीजन और सर्दियों में कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं। दिल्ली में मामले बढ़ रहे हैं। उत्तराखंड में मामले बढ़ेंगे या नहीं, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन हमारी पूरी तैयारी है। मास्क न पहनने वालों के चालान किए जा रहे हैं, टेस्टिंग क्षमता बढ़ाई गई है।
- अमित नेगी, सचिव, स्वास्थ्य