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Coronavirus: उत्तराखंड में शनिवार को मिले रिकॉर्ड 91 संक्रमित मरीज, कुल मरीजों की संख्या हुई 244 

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 23 May 2020 08:49 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
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उत्तराखंड में शनिवार को एक ही दिन में 91 कोरोना मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अब राज्य में कुल मरीजों की संख्या 244 हो गई है। वहीं अब राज्य कोई भी जिला कोरोना संक्रमण से अछूता नहीं रह गया है। Trending Videos

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अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि प्रदेश में 91 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। वहीं आज एम्स ऋषिकेश में हुई एक कोरोना मरीज की मौत के बारे में स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि उसकी मौत कोरोना से नहीं हुई है। उक्त मरीज की मौत एसोफैगस कैंसर से हुई है।

शनिवार को चंपावत में सात, देहरादून में नौ, हरिद्वार में दो, नैनीताल में 57, अल्मोड़ा में तीन, पिथौराढ़ में दो, उत्तरकाशी में तीन, ऊधमसिंह नगर में तीन, रुद्रप्रयाग में तीन और पौड़ी जिले में दो नए मामले सामने आए हैं।

यह पहली बार है जब राज्य में एक साथ 91 केस सामने आए हैं। इन मामलों के आने के बाद अब राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 244 हो गई है। शुक्रवार को राज्य में सात संक्रमित सामने आए थे। जिनमें तीन देहरादून और दो-दो हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर जिले में मिले थे।

रुड़की के आदर्श नगर निवासी 54 वर्षीय व्यक्ति में आज कोरोना की पुष्टि हुई है। ये मुंबई से हरिद्वार में आए थे। इनका सैम्पल नारसन बॉर्डर से लिया गया था। हरिद्वार जनपद में अब एक्टिव केस छह हो गए हैं। ये सभी रुड़की क्षेत्र से आए हैं। सभी प्रवासी हैं। इससे पहले सात मामले आए थे जो कि सभी ठीक हो चुके थे। लेकिन नए मामले आने से लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।
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टनकपुर, बनबसा में सात प्रवासी मिले कोरोना पॉजिटिव

कोरोना संक्रमण से अब तक सुरक्षित चंपावत जिले में सात कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए हैं। पॉजिटिव मिले चार युवक मुबंई से 21 मई को आए हैं, जिन्हें पर्यटक आवास गृह टनकपुर में क्वारंटीन किया गया था। जबकि तीन अन्य युवक नोएडा और गुरूग्राम से पहले ही आ गए थे, जिन्हें उन्हीं के क्षेत्र के क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया था। 

एसीएमओ डॉ. एचएस हयांकी ने बताया कि मुंबई से लौटे चारों युवक चंपावत व लोहाघाट के रहने वाले हैं। जो रोडवेज की दो बसों से 21 मई को आए थे, उन बसों में 74 लोग सवार थे। जिसमें 10 चंपावत के, 47 पिथौरागढ़ के, एक सितारगंज का, 10 रूद्रपुर के और छह बसों के चालक-परिचालक शामिल थे। जिनकी सूचना संबंधित क्षेत्र के प्रशासन को दे दी गई है।

इसके अलावा तीन अन्य संक्रमित युवक बनबसा के रहने वाले हैं, जो करीब पांच दिन पूर्व आए हैं। इनमें एक युवक नोएडा और दो गुरूग्राम से आए हैं। जिन्हें बनबसा में उन्हीं के क्षेत्र के क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया है।

एसीएमओ डॉ. हयांकी ने बताया कि सभी संक्रमितों को अब टनकपुर व बनबसा से उपचार के लिए एसटीएच हल्द्वानी भेजा जा रहा है। इन सभी संक्रमितों की उम्र 22 से 47 साल के बीच है।
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बीपी, शुगर मरीजों की घर-घर जाकर जुटाएंगे जानकारी

देहरादून जिले में कोरोना के मामले बढ़ने पर प्रशासन अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों के स्वास्थ्य का पता लगाने के लिए घर-घर जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
 
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में प्रवासियों के आने के बाद कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियात बरतनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में अब ब्लड प्रेशर, शुगर, सांस, दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं को बचाया जाएगा। ऐसे मरीजों का सर्वे कर डाटा तैयार किया जाएगा। जिससे उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके।

उन्होंने बताया कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर इनका डाटा एकत्र करेंगी। फोन के माध्यम से भी संपर्क कर उनकी तबीयत, डॉक्टर के पास कब गए? अब क्या स्थिति है? कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण तो नहीं जैसे सवाल पूछकर रिपोर्ट तैयार करेंगी।

डीएम ने बताया कि अभी तक क्वारंटीन लोगों की निगरानी की जा रही थी। लेकिन, अब ऐसे लोगों को भी निगरानी की जाएगी, जो बीमार चल रहे हैं। 

61 दिन बाद खोला काउंटर, पहले दिन एक भी आरक्षण नहीं

रेल मंत्रालय की ओर से आगामी एक जून से देहरादून से नई दिल्ली जाने वाली जनशताब्दी और देहरादून से काठगोदाम जाने वाली जनशताब्दी के संचालन को मंजूरी मिलने के बाद देहरादून रेलवे स्टेशन का आरक्षण केंद्र शुक्रवार को 61 दिन बाद खोला गया।

दो काउंटरों पर कर्मचारियों को तैनात किया गया। लेकिन पूरे दिन एक भी यात्री आरक्षण कराने नहीं पहुंचा। वहीं शनिवार को काउंटर पर लोग रिजर्वेशन के लिए पहुंचे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया।

रात 10 बजे तक भोजन की होम डिलिवरी कर पाएंगे होटल संचालक

विकासनगर पछवादून क्षेत्र में होटल, रेस्तरां और ढाबा संचालक अब रात 10 बजे तक भोजन की होम डिलिवरी कर सकेंगे। अब तक वह सिर्फ शाम चार बजे तक ही डिलिवरी कर पा रहे थे। जिसके चलते उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा था।

होटल संचालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संजय महेंद्रू के नेतृत्व में सीओ बीएस धोनी से मुलाकात की। जिस पर सीओ ने सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार रात 10 बजे तक भोजन की होम डिलिवरी को अनुमति प्रदान कर दी।

जिलाध्यक्ष संजय महेंद्रू ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में सभी होटल रात 10 बजे तक होम डिलिवरी की सुविधा दे रहे हैं। ज्यादातर लोग रात के समय ही भोजन ऑर्डर करते हैं। लेकिन पछवादून क्षेत्र में होटल संचालकों को रात के समय होम डिलिवरी की परमिशन नहीं है।

जिसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सीओ ने कहा कि रात 10 बजे तक सभी होटल और रेस्तरां पूरी तरह से बंद हो जाने चाहिए। वहां पर सैनिटाइजेशन का पूरा ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इस मौके पर अभिनव जैन, गौरव गोयल शामिल रहे।

प्रत्येक ग्राम प्रधान को मिलेंगे दस दस हजार

हरिद्वार में ग्राम पंचायतों में अलग-अलग स्थानों पर क्वारंटीन किए गए लोगों की व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम प्रधानों को दस दस हजार रुपये देने का निर्णय लिया है। इस धनराशि को खर्च करने की निगरानी के लिए ग्राम प्रधान के साथ एक शिक्षक और आशा कार्यकर्ता को मिलाकर एक समिति भी बनाई जा रही है।

जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से जारी किया गया पत्र सभी ग्राम प्रधानों को उपलब्ध करा दिया गया है। जिलाधिकारी के पत्र से सभी ग्राम प्रधानों का हौसला भी बढ़ाया है। जिलाधिकारी सी रविशंकर लॉकडाउन के दौरान ग्राम प्रधानों की ओर से लगातार निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की है।

साथ ही अब प्रवासियों के घर लौटने की स्थिति में ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी को खास बताते हुए उनसे सतर्क रहने को कहा है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने सभी ग्राम प्रधानों को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने अभी तक कोरोना के संक्रमणकाल के दौरान ग्राम प्रधानों की ओर से अपने-अपने क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन कराने, वॉल पेंटिंग करके लोगों को जागरूक करने, सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने सहित अन्य कार्यों में दिए गए सहयोग के लिए उनकी प्रशंसा की है।

साथ ही जिलाधिकारी ने बताया कि अब प्रवासियों के घर लौटने का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में इन लोगों को गांव में ही पंचायत घरों स्कूलों और अन्य सामुदायिक स्थलों पर क्वारंटीन करने की जिम्मेदारी बहुत अहम है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि क्वारंटीन किए गए लोगों की सुविधा का ध्यान रखने के साथ उनपर नजर रखें। यदि कोई इसका पालन नहीं करता है तो उसकी शिकायत पुलिस से करें। 
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