- आंख, नाक के पास लालिमा और चेहरे पर एकतरफा सूजन
- बुखार, खांसी, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, दर्द
- मानसिक स्थिति में बदलाव
ब्लैक फंगस कोरोना के बाद क्यों
ब्लैक फंगस उन लोगों में अधिक है, जिन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं या इम्यून सिस्टम बहुम कमजोर होता है। ऐसे लोगों के शरीर में कीटाणु और बीमारी से लड़ने की क्षमता कम होती है। कोरोना संक्रमण से ठीक हुए जिन लोगों को मधुमेह, केटोएसिडोसिस, कैंसर, अंग प्रत्यारोपण, स्टेम सेल प्रत्यारोपण, न्यूट्रोपीनिया, लंबे समय तक कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवा का उपयोग, शरीर में बहुत अधिक आयरन या हेमोक्रोमैटोसिस होता है।
ब्लैक फंगस से ऐसे करें बचाव
- खासतौर पर शुगर को कंट्रोल में रखें।
- डिस्चार्ज होने के बाद ब्लड शुगर जांचते रहें।
- स्टेरॉयड्स को लेकर डॉक्टरों की सलाह लें।
- ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान साफ पानी ही लें।
- एंटीबायोटिक्स, एंटी फंगल दवा सावधानी से लें।
- एन-95 मास्क ही उपयोग करें। नाक जरूर ढकें।
- जितना हो सके धूल वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
- मिट्टी और धूल के संपर्क में आने से बचें।