पति के कोरोना संक्रमित होने के बाद उनका पूरा परिवार संक्रमित हो गया। जिसके बाद सेना के चिकित्सकों ने सभी को होम आइसोलेट कर दिया। पूरा परिवार इस बीमारी के चपेट में आने के सदमे से वह उबर नहीं पाए थे कि प्रशासन ने उनके घर को एक जेलखाना बना दिया।
घर के बाहर बल्लियां लगाकर पूरी तरह से बंद कर दिया गया। जिसके बाद से वह एक कैदी की तरह रह रहे हैं। बाहर निकलना तो दूर उन्हें फल, सब्जी, दूध के लाले भी पड़ गए हैं।
उन्होंने लिखा है कि कई बार इस संबंध में डीएम, पुलिस, सीएमओ को जानकारी दी, लेकिन कोई मदद नहीं मिल रही है। सरकारी तंत्र के इसी रवैये के कारण आज हम लोग इस बीमारी को बताने से डर रहे हैं। जिसके कारण संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि वह संक्रमितों के साथ ऐसा व्यवहार न करे, जिससे लोग अपनी बीमारी को छिपाने के लिए मजबूर हों।