उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से लौट रहे प्रवासियों के कारण अब विभाग ने सैंपलिंग बढ़ा दी है। अभी तक प्रदेश के चारों सरकारी लैब में व्यक्तिगत सैंपल की जांच की जा रही है।
अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। शुरूआत में प्रदेश में लैब की सुविधा न होने के कारण एक सप्ताह में पूरे प्रदेश से मात्र 110 सैंपल की जांच हुई थी। वर्तमान में प्रदेश में एम्स ऋषिकेश के अलावा तीन मेडिकल कॉलेज दूनए हल्द्वानी और श्रीनगर में कोरोना सैंपल जांच की सुविधा है।
लॉकडाउन में रियायत मिलने के बाद बाहरी राज्यों से हजारों की संख्या में प्रवासियों के लौटने से संक्रमण के मामले भी बढ़ गए हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सैंपलिंग बढ़ाई गई है। पूरे प्रदेश से प्रतिदिन एक हजार सैंपल होने पर लैब स्वयं ही पूलिंग सैंपल टेस्टिंग करेंगे।