यदि इस रिपोर्ट में भी कौशिक पॉजिटिव पाए जाते हैं तो उन्हें कम से कम सात से 10 दिन अस्पताल में रहना होगा।
इसके बाद उन्हें सात दिन होम क्वारंटीन होना पड़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो उनके पास सत्र की तैयारी करने के लिए बहुत अधिक समय नहीं मिलेगा। ऐसे में सरकार को अपनी रणनीति पर दोबारा से विचार करना पड़ सकता है। उधर, सत्र की तैयारियों में जुटे सचिवालय में भी कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है।
कई अधिकारी व कर्मचारी इसकी चपेट आ चुके हैं। कुछ के परिजनों को कोरोना ने जकड़ लिया है। दोनों कारणों से उन्हें होम क्वारंटीन या सेल्फ आइसोलेशन में जाना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में सचिवालय कर्मचारियों के लिए विधानसभा सदस्यों के प्रश्नों और सूचनाओं के समय पर जवाब तैयार करने में कठिनाई आ रही है। ऐसे हालातों में सरकार के लिए सत्र की तैयारी करना आसान नहीं हो पा रहा है।