मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांटों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो। सभी कोविड केयर सेंटर व अस्पतालों में फायर सेफ्टी सुनिश्चित की जाए। कोविड टेस्ट की रिपोर्ट में समय न लगे। टेस्ट होते ही तुरंत सभी को कोविड किट दिया जाए। टेस्ट सेंटरों और वैक्सीनेशन सेंटरों में कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाए।
ई-संजीवनी पोर्टल को और प्रभावी बनाते हुए प्रचारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम आइसोलेशन में रहने वालों को मालूम होना चाहिए कि उन्हें किन बातों का ध्यान रखना है। बाहर से आने वालों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इसका पालन हो। सरकारी व निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों की व्यवस्था को लगातार क्रास चैक करवाया जाए। संबंधित मरीजों और उनके परिजनों से इसका फीड बैक लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड मरीजों हेतु एम्बुलेंस की दरें निर्धारित की जाए ताकी ओवर रेटिंग जैसी शिकायत न हो। दवाओं की कालाबाजारी को रोकने के लिए 147 एसटीएफ टीमें बनाई गई हैं। अभिसूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। सरकारी अस्पतालों के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में भी ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता की व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए।
बॉर्डर में रेजिस्ट्रेशन क्यूआर कोड रीडर के जरिए चेकिंग की जाए। कोविड कर्फ्यू में निर्माण कार्यों को छूट है, इसलिए निर्माण से संबंधित सीमेंट, सरिया की दुकानों को बंद न करायें। बैठक में जानकारी दी गई कि बॉर्डर पर अधिकतर लोगों की कोविड निगेटिव रिपोर्ट प्राप्त हो रही है, जिनकी रिपोर्ट नहीं है, उनकी भी सैंप्लिंग की जा रही है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली, डाॅ. पंकज कुमार पाण्डेय, सूचना महानिदेशक रणबीर सिंह चौहान सहित वरिष्ठ अधिकारी व जिलाधिकारी उपस्थित थे।