टिहरी झील में आए आंधी-तूफान से छह बोटों को नुकसान पहुंचा है। दो बोट के इंजन टूट गए हैं, जबकि चार अन्य बोटों की बॉडी क्षतिग्रस्त हो गई है। बोट संचालकों ने शासन-प्रशासन से झील किनारे खड़ी बोटों की सुरक्षा के इंतजाम करने और क्षतिग्रस्त बोटों का मुआवजा देेने की मांग की है।
कोरोना संक्रमणकाल में पर्यटकों की बेरुखी को देखते हुए बोट संचालकों ने झील में रविवार (आज) से संक्रमण की स्थिति ठीक होने तक बोटिंग सेवा पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। श्री गंगा भागीरथी बोट यूनियन के अध्यक्ष लखवीर चौहान ने बताया कि शुक्रवार शाम छह बजे के लगभग टिहरी बांध की झील में जबरदस्त आंधी-तूफान आया। उस वक्त सभी बोट प्वाइंट पर खड़ी थी।
बताया कि छह बोटों का अधिक नुकसान पहुंचा है। आंधी-तूफान से बोट आपस में टकरा गई थी। बताया कि कुलदीप पंवार, नरेंद्र सिंह, जयपाल रावत, मनोज तिवारी, राजवीर सिंह की बोट को नुकसान पहुंचा है। इंजन और बाडी क्षतिग्रस्त होने से बोट संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान हो गया है। उन्होंने बताया कि रविवार (आज) से कोरोना संक्रमण की स्थिति सामान्य होने तक झील में बोट संचालन पूरी तरह से बंद रहेगा।
इधर, बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार ने टाडा के एसीईओ को ज्ञापन सौंपकर बीते दिन आंधी-तूफान से कई बोट संचालकों को हुए नुकसान की जानकारी देते हुए मुआवजे और बोटिंग स्थल पर सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। कहा कि गत वर्ष भी मई और सितंबर में आंधी-तूफान से बोट को नुकसान पहुंचा था, लेकिन अभी तक सुरक्षा के उपाय टाडा ने नहीं किए हैं।