बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि कोरोना वैक्सीन के लिए पूरी योजना बनाई जाए। जिला टास्क व ब्लाक टास्क फोर्स की नियमित कर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, डॉक्टर और फ्रंट लाइन वर्करों का पूरा डाटा तैयार करें। संक्रमण रोकथाम के लिए ट्रू-नाट टेस्टिंग और बढ़ाने की जरूरत है।
पहले किसी बीमारी से ग्रसित या बुजुर्ग में कोरोना लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें होम आईसोलेशन के बजाए अस्पताल में भर्ती किया जाए। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि पर्यटक स्थलों व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कोरोना से बचाव के लिए पुलिस की ओर से जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
बैठक में सचिव शैलेष बगोली, एसए मुरुगेशन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, अपर सचिव युगल किशोर पंत, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती, कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी अभिनव कुमार, संजय गुंज्याल, डीआईजी अरुण मोहन जोशी समेत सभी जिलों के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक मौजूद थे।
हाई रिस्क कांटेक्ट के 99.89 प्रतिशत टेस्ट
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि प्रदेश में हाई रिस्क कांटेक्ट के 99.89 प्रतिशत टेस्ट हो चुके हैं। इसमें 80 प्रतिशत आरटीपीसीआर टेस्ट कराए जा रहे हैं। पर्यटक स्थलों पर कोरोना की सैंपलिंग की जा रही है। सभी जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी तय करें कि कोविड के अलावा अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं भी सुचारु रूप से संचालित की जाएं। सीएचसी, पीएचसी एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी
कोविड संक्रमण से बचाव के लिए एनसीसी और एनएसएस छात्र लोगों को जागरूक करेंगे। इसके लिए एनसीसी व एनएसएस छात्रों के माध्यम से बिना मास्क के सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वालों को मास्क वितरित कर जागरूक किया जाएगा।
बिना मास्क दिए चालान करने वालों पर होगी कार्रवाई
मास्क न लगाने पर जिन लोगों के चालान किए जा रहे हैं, उनको मास्क जरूर उपलब्ध हो। हमारा उद्देश्य कोविड से लोगों को बचाना है, न कि चालान कर राजस्व वसूलना। बिना मास्क दिए चालान करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब तब 13 लाख सैंपल की जांच
प्रदेश में कोरोना संक्रमण का पहला मामला आने से अब तक 13 लाख से अधिक सैंपल की जांच की गई है। इसमें 73 हजार से अधिक लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 1200 से अधिक कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में कोविड सैंपल की जांच के लिए 10 सरकारी व निजी लैब हैं। 18 हजार से अधिक सैंपल की जांच लंबित हैं।