सरकारी अस्पताल ने अधिकारी की गंभीर हालत को देखते हुए सुशीला तिवारी हल्द्वानी भेज दिया था। स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं होने पर एक दिन बाद ही हल्द्वानी से उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया था। शुक्रवार रात करीब सवा 12 बजे उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मृतक ने अपने पीछे पत्नी , दो पुत्र , पुत्री को बिलखता छोड़ गए हैं। छोटा पुत्र अविवाहित है। एआरटीओ अनीता चंद ने बताया कि कार्यालय में तैनात करीब 15 अधिकारी-कर्मचारी जांच में निगेटिव पाए गए थे। कार्यालय में उनका कक्ष अलग था।