यह फंगस को समाप्त करने में बेहद कारगर साबित होते हैं, इसलिए ये ब्लैक फंगस के इलाज के लिए चिकित्सकों की पहली पसंद हैं। इनमें से गुर्दों के लिए कम नुकसानदायक होने के चलते लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन का प्रयोग अधिक किया जाता है।
वहीं एम्फोटेरिसिन के इंजेक्शन उपलब्ध न होने पर फंगी स्टेटिक दवाओें का प्रयोग किया जाता है। फंगी स्टेटिक में पोसाकोनाजोल और इट्राकोनाजोल शामिल होते हैं। मरीज की जरूरत के अनुसार उसको एम्फोटेरिसिन की तरह ही रोजाना दो से लेकर छह इंजेक्शन लगा दिए जाते हैं।
यह कोर्स करीब चार सप्ताह तक चलता है। वहीं टैबलेट का कोर्स भी कराया जाता है। प्रो. एसएस बिष्ट ने बताया कि मरीज की दवा की डोज वजन के अनुसार तय होती है। मरीज को तीन से पांच मिलीग्राम प्रति किलोग्राम के अनुसार दवा दी जाती है। हालांकि इनका इस्तेमाल एम्फोटेरिसिन उपलब्ध होने पर किया जाता है।
सबसे सस्ती दवा है इट्राकोनाजोल
इट्राकोनाजोल सबसे सस्ती एंटी स्टेटिक दवा है। इसकी 200 मिलीग्राम की एक गोली की कीमत 150 रुपये है। वहीं 100 मिलीग्राम के एक इंजेक्शन की कीमत एक हजार रुपये के करीब है। वहीं पोसाकोनोजोल की 100 मिलीग्राम दवा की एक गोली कीमत करीब 533 रुपये से शुरू होती है। वहीं इंजेक्शन की कीमत 4100 रुपये से छह हजार रुपये तक है।