धर्मनगरी के व्यापारियों ने थाली बजाकर सरकार को जगाने और एक जून से बढ़ाए गए कोविड कर्फ्यू का विरोध किया है। कहा है कि सरकार व्यापारियों को नियमों के साथ दुकानें खोलने की अनुमति दें। वरना व्यापारी बर्बाद होकर सड़क पर आ जाएंगे।
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड के प्रदेशव्यापी आह्वान पर शहर व्यापार मंडल ज्वालापुर के व्यापारियों ने श्रीराम चौक पर एकत्र होकर थाली बजाकर सरकार को जगाने का प्रयास किया। शहर अध्यक्ष विपिन गुप्ता व महामंत्री विक्की तनेजा ने कहा कि व्यापारी पिछले एक माह से अपने प्रतिष्ठान बंद करके निरंतर सरकार और स्वास्थ्य विभाग को सहयोग कर रहे हैं, लेकिन सरकार व्यापारियों को लेकर बिल्कुल उदासीन है।
न तो व्यापारियों को सरकार की ओर से कोई राहत पैकेज दिया जा रहा है और न ही कोरोना केस कम होने पर भी दुकानें खोलने दी जा रही हैं। इससे व्यापारियों के सामने परिवार का पालन-पोषण करने का संकट खड़ा हो गया है। दुकानों का किराया, कर, बैंक किस्त, बच्चों की फीस दुकानें बंद रहने से नहीं दी जा रही है।
मंडल के संरक्षक प्रवीण कुमार ने कहा कि सरकार अपने सारे दफ्तर चला रही है, सारे काम चल रहे हैं, लेकिन कोरोना केस कम होने पर भी अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड के जिलों को छूट नहीं दे रही है। इस मौके पर ओम पाहवा, ओम प्रकाश विरमानी, गौरव गोयल, शशि भूषण सिंघल, हेमंत रावल, सोनू अरोड़ा, ओम प्रकाश अरोड़ा, मगन बंसल, आशीष गुप्ता, सुमित अग्रवाल, सचिन अरोड़ा, राजकुमार, राहुल आहूजा, संदीप पाहवा, तिशू अरोड़ा, लोकेश तनेजा, मनीष धमीजा और विनय आदि मौजूद रहे।
व्यापार मंडल कटहरा बाजार ज्वालापुर में भी सरकार को जगाने के लिए व्यापारियों ने थाली बजाकर विरोध किया। इस दौरान कमल अरोड़ा, हर्ष वर्मा, दीपक पुंडीर, विनोद वर्मा, लोकेश कुमार, जगमोहन सिंह और पंकज वर्मा आदि मौजूद रहे।