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ब्लैक फंगस : नमी से भी बढ़ता है खतरा, पुराने मास्क, गीले तौलिया, गीली मिट्टी से भी हो सकता है ब्लैक फंगस

Fri, 21 May 2021 03:54 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

स्टेरॉयड और एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल ने (खासकर कोरोना संक्रमण में) ब्लैक फंगस की समस्या को और बढ़ा दिया है।
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ब्लैक फंगस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हमारे शरीर के अंदर कहीं न कहीं कई तरह के संक्रमण मौजूद होते हैं। इसी वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है तो यह संक्रमण भी सक्रिय अवस्था में आ जाते हैं। इन्हें अवसरवादी संक्रमण भी कहा जाता है। ब्लैक फंगस यानी म्यूकोर माइकोसिस भी इसी तरह का संक्रमण है।

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पंडितवाड़ी स्थित केयर मेडिकल सेंटर के वरिष्ठ सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. परवेज अहमद ने बताया कि गंभीर बीमारियों से ग्रस्त खासकर मधुमेह वाले रोगियों, अस्पताल से ऑक्सीजन, वेंटिलेटर पर रहे लोगों, बुजुर्गों आदि में यह बीमारी ज्यादा हो रही है।
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साथ ही स्टेरॉयड और एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक इस्तेमाल ने भी (खासकर कोरोना संक्रमण में) ब्लैक फंगस की समस्या को और बढ़ा दिया है।

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नमी और गंदगी से भी यह संक्रमण हो सकता है।

डॉ. परवेज के मुताबिक नमी और गंदगी से भी यह संक्रमण हो सकता है। उन्होंने बताया कि खेती-बागवानी के शौक रखने वाले ऐसा करते समय हाथों में ग्लब्ज और पैरों में रबड़ के जूते पहनें। साथ ही कार्य पूरा करते ही इन्हें उतारकर हाथ पैरों समेत पूरे शरीर को ठीक तरह से धोकर साफ कर लें। पुराने मास्क, गीला तौलिया, गीली मिट्टी से भी यह संक्रमण हो सकता है।

उपचार बहुत महंगा और लंबे समय तक है चलता

डॉ. परवेज ने बताया कि ब्लैक फंगस में आंख, कान, जबड़ा, दांत और दिमाग में संक्रमण फैल सकता है। समय पर इलाज न होने से ऑपरेशन की नौबत आ सकती है। इसका उपचार बहुत महंगा और लंबे समय तक चलता है।

शुगर को रखें नियंत्रित 

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार ओझा ने बताया कि उपचार के डेढ़ महीने बाद तक भी शुगर (मधुमेह) पर ध्यान देना चाहिए। इस दौरान शुगर को नियंत्रित रखना जरूरी है। साफ-सफाई का ध्यान रखें और अच्छे तरीके से नहाएं। अगर स्टेरॉयड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह लें। डॉक्टर के बताए अनुसार धीरे-धीरे स्टेरॉयड का इस्तेमाल बंद या कम कर दें।

ब्लैक फंगस के लक्षण 
-आंखों में सूजन, आंखों के चारों तरफ काली लाइनें, नाक का सूजना, दांतों में दर्द, दिमाग में सूजन, सिर में एक तरफ का दर्द आदि।
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