- मास्क को हाइपोक्लोराइड सॉल्यूशन में 15 मिनट डूबा कर रखा जाना चाहिए। फिर उसे सुखाकर जलाया जाए।
- शाम को कपड़े उतार कर साबुन या सर्फ के पानी में लगभग दो घंटे डुबोकर रखें और उसके बाद साफ करके धुलें।
- जहां पर भी कोई संक्रमित व्यक्ति टच कर रहा है उस जगह को भी हाइपोक्लोराइड सॉल्यूशन से धोना चाहिए।
- आम आदमी से अपील है कि वह सर्जिकल मास्क का इस्तेमाल करने के बजाए घर में बने कपड़े का मास्क इस्तेमाल करें और उसे रोज साबुन और डिटॉल से धुल दें।
- आंखों के रास्ते भी यह संक्रमण होने का डर रहता है, इसलिए बाहर जाने पर चश्मा पहने और मास्क को नाक व मुंह पर ठीक से लगाएं।
- जब तक किसी मरीज की सैंपल जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती उसे होम क्वारंटीन के बजाय संस्थागत क्वारंटीन में रखा जाना बेहतर है।
होम क्वारंटीन किए गए लोगों के घरों से निकलने वाला कचरा निगम के वाहनों के जरिए उठाया जा रहा है। बायो मेडिकल वेस्ट को अलग बॉक्स में डालकर रुड़की भेजा जा रहा है। वहीं, नगर निगम जल्द खुद का बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने जा रहा है। जिससे शहर से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण यहीं हो सकेगा।
- विनय शंकर पांडेय, नगर आयुक्त
होम क्वारंटीन किए गए लोगों को चाहिए कि वह अपना कचरा यानि मास्क, कपड़े आदि अलग से दें। जिससे वह सामान्य कूड़े में न मिले। ताकि उसका निस्तारण अलग से किया जाए। मास्क आदि भी सामान्य कचरे में देने से उसके दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी