अभी तक आयुष के जरिए विभिन्न दवाइयों का उपयोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में किया जाता रहा है। केंद्रीय शोध संस्थाओं के स्तर पर किए गए अध्ययन में यह साबित हुआ है कि आयुष 64 कोरोना रोग के उपचार में भी कारगर है। केंद्रीय मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि आयुष-64 का उपयोग बिना लक्षण वाले लेकिन संक्रमित (एसिमटोमेटिक), कम (माइल्ड) या मध्यम (माडरेट) संक्रमण वाले रोगियों को दी जा सकती है।
केंद्रीय आयुष सचिव ने भी राज्यों को भेजा पत्र
केंद्रीय आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की ओर से मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आयुष-64 को राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत कोविड उपचार में बढ़ावा दिया जाना है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने कोरोना के उपचार में आयुष-64 की क्षमता और सुरक्षा का क्लीनीकल ट्रायल पूरा कर लिया है और यह माइल्ड, मोडरेट संक्रमण में उपयोगी पाया गया है।
खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और निदेशालय के स्तर पर मांग का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। अगर आयुष-64 का वितरण जल्द शुरू हो जाता है तो अपने स्तर पर इस काम को अंजाम देने वाला देश का पहला राज्य भी होगा।
- हरक सिंह, आयुष मंत्री उत्तराखंड सरकार