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Coronavirus in uttarakhand: बिना लक्षण वाले कोरोना मरीज बढ़ा रहे चिंता, विशेषज्ञोंं ने बताया बेहद खतरनाक

Wed, 22 Apr 2020 12:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : File Photo
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बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। यह वह मरीज हैं जिनमें खांसी, जुकाम, बुखार और सांस लेने में दिक्कत जैसे प्राथमिक लक्षण नहीं पाए गए। ट्रैवल हिस्ट्री होने या किसी संक्रमित के संपर्क में आने की आशंका पर कोरोना जांच कराई गई तो संक्रमण की पुष्टि हुई।

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मेडिकल की भाषा में इसे एसिंप्टोमैटिक कोरोना कहा जाता है। राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में भी भर्ती ज्यादातर मरीजों में एसिंप्टोमैटिक कोरोना पाया गया है।

ऐसे मामलों को विशेषज्ञ मानते हैं ज्यादा खतरनाक

ऐसे मामलों को डॉक्टर और अन्य विशेषज्ञ ज्यादा खतरनाक मानते हैं। वजह साफ है कि इस तरह के मामले में न तो मरीज को खुद पता होता है कि उसे कोरोना हो चुका है और न ही इस बात का पता चल पाता है कि उसके संपर्क में आने से और लोगों में भी कोरोना फैल गया होगा।

राजकीय दून मेडिकल अस्पताल के डिप्टी एमएस एवं कोरोना के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि भर्ती होने वाले कई कोरोना पॉजिटिव कोरोना के बिना प्राथमिक लक्षण वाले हैं। इसलिए सभी को मास्क पहनना बहुत जरूरी है।
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मास्क पहनना अनिवार्य

श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के वरिष्ठ पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. जगदीश रावत ने बताया कि एसिंप्टोमैटिक कोरोना मरीज संक्रमण फैलाने में ज्यादा खतरनाक हैं। दरअसल इस तरह के मरीज कोरोना के कम्युनिटी फैलाव में ज्यादा खतरनाक होते हैं।

इसलिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च नई दिल्ली की ओर से जारी नई गाइडलाइन में सभी लोगों को चाहे वह स्वस्थ्य क्यों न हों, मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग और हाथों को साबुन से बार-बार धुलने व हाथों को सैनिटाइज करना भी बेहद जरूरी है।
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