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हरिद्वार : कोरोना संक्रमित मृतक के परिजनों से शव को 36 घंटे एंबुलेंस में रखने और दो किमी दूर ले जाने के मांगे 80 हजार रुपये

Sat, 01 May 2021 02:39 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के सेवानिवृत्त एजीएम का शव 24 घंटे से एंबुलेंस में था।
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एंबुलेंस चालक ने 80 हजार रुपये मांगे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महामारी के संकट काल में भी एंबुलेंस चालकों की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। हद तो तब हो गई, जब कोरोना संक्रमित भेल के सेवानिवृत्त एजीएम के शव को 36 घंटे एंबुलेंस में रखने और महज दो किमी दूर चंडी घाट श्मशान घाट तक ले जाने के 80 हजार रुपये मांग लिए गए। शिकायत मिलने पर मौके पर ही मौजूद एसडीएम ने एआरटीओ को बुलाकर एंबुलेंस को सीज करा दिया। साथ ही चालक के खिलाफ केस दर्ज कराने की तैयारी है।

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दीप गंगा अपार्टमेंट निवासी भेल, हरिद्वार के पूर्व एजीएम नरेश गोपाल श्रीवास्तव कोरोना संक्रमित हो गए थे। वह घर पर आइसोलेट होकर इलाज ले रहे थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया था। मृतक के बेटे निश्चित श्रीवास्तव यूएसए की एक कंपनी में नौकरी करते हैं। पिता की मौत की सूचना मिलने पर उन्होंने हरिद्वार में रहने वाले अपने दोस्त शिखर पालीवाल से बात की और कहा कि उन्हें अपने पिता का अंतिम संस्कार खुद करना है।
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इसलिए वह उनके आने का इंतजार करें। शिखर पालीवाल ने निश्चित श्रीवास्तव को आपातकालीन वीजा के लिए हरिद्वार से होने वाली सभी औपचारिकताएं पूरी कर भेज दीं, लेकिन बेटे के पहुंचने तक लगभग 36 घंटे का इंतजार करने के लिए शव फ्रीजर एंबुलेंस में ही रखा रहा। शनिवार सुबह बेटे के पहुंचने पर जिला अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस को लेकर चंडी घाट श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार करने  ले जाया गया। शव उतारने के बाद एंबुलेंस चालक ने मृतक के परिजनों से 80 हजार रुपये की मांग की।

इतनी बड़ी रकम मांगने पर पीड़ित परिवार के होश उड़ गए। किसी के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे एसडीएम गोपाल सिंह चौहान से मामले की शिकायत की गई। एसडीएम ने एंबुलेंस चालक से इतनी बड़ी रकम मांगने का कारण पूछा तो वह बगले झांकने लगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने एआरटीओ प्रवर्तन सुरेंद्र सिंह को मौके पर बुलाकर एंबुलेंस को सीज करा दिया। एंबुलेंस को रोड़ीबेलवाला पुलिस चौकी पर खड़ा करा दिया गया है। एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि एंबुलेंस संचालक पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

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घंटों इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस वाले ऊंचे दाम बोल रहे

जीवन की अंतिम यात्रा पर भी अब आर्थिक बोझ पड़ रहा है। देहरादून में लोगों को कोरोना मरीजों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट में महंगे खर्च की जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इतना ही नहीं आसानी से एंबुलेंस भी नहीं मिल पा रही है। जबकि श्मशान घाट में कोरोना संक्रमितों के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए करीब चार हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

दून अस्पताल के बाहर मौजूद एक एंबुलेंस के चालक ने बताया कि कोरोना संक्रमित शव को शहर के श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए करीब ढाई से तीन हजार रुपये लिए जा रहे हैं।

वहां मौजूद एक कोरोना संक्रमित मरीज के परिजन ने बताया कि दूसरे अस्पताल में अपने मरीज को शिफ्ट करने के लिए पिछले दो घंटे से एंबुलेंस नहीं मिल पा रही है। घंटों इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस वाले ऊंचे दाम बोल रहे हैं।

लक्खीबाग स्थित मोक्ष धाम के पंडित अनिल शर्मा ने बताया कि बीते कुछ दिन पहले मोक्ष धाम के दो कर्मचारी कोरोना संक्रमित होने के बाद बाहर से कर्मचारी बुलाए गए थे। जिनकी मजदूरी अधिक होने के चलते अंतिम संस्कार के कुछ दाम बढ़ाए गए थे। लेकिन, कर्मचारियों के वापस लौटने के बाद अब एक अंतिम संस्कार के लिए तीन से चार हजार रुपये लिए जा रहे हैं।
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