वहीं, कोरोना वायरस लक्षण के बिना भी पॉजिटिव केस आ रहे हैं। इस तरह के मामले हरिद्वार जनपद में आ चुके हैं। ऋषिकेश के त्रिवेणीघाट में मजदूरी करने वाले हाथरस का एक श्रमिक लगभग 17 दिन बाद कोरोना संक्रमित पाया गया। ऋषिकेश से पैदल हाथरस लौटते समय उसे और उसके अन्य पांच साथियों को रुड़की में रोका गया। 30 मार्च को उन्हें रुड़की के एक रिलीफ कैंप में रखा गया।
16 मार्च को उसे खांसी जुकाम की शिकायत आने पर आइसोलेट किया गया। सैंपल जांच में कोरोना की पुष्टि हुई है। जबकि अन्य साथियों की रिपोर्ट आनी बाकी है। मुख्य चिकित्साधिकारी हरिद्वार डॉ. सरोज नैथानी का कहना है कि 14 दिन के बाद और बिना लक्षण के भी कोरोना पॉजिटिव मामले आ रहे हैं। यदि जल्दबाजी में जांच कर छोड़ देते हैं तो कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है।