कोरोना संक्रमणकाल में जहां बहुत से लोग अपना कोविड टेस्ट करावाने से घबरा रहे हैं, वहीं ऋषिकेश में चौदहबीघा, मुनिकीरेती निवासी 90 वर्षीय मोली देवी ने कोरोना को हराकर एम्स ऋषिकेश से घर वापसी की। वह ऐसे लोगों के लिए मिसाल हैं। मोली देवी आठ सितंबर से कोविड-19 से ग्रसित थीं।
एम्स में उनका उपचार चल रहा था। उन्होंने हार नहीं मानी और कोविड -19 को मात देकर वह सकुशल अपने पौत्र के घर लौट आईं। इस मौके पर परिवार के सदस्यों पौत्र, पुत्रियों व पड़ोसियों ने मौली देवी का स्वागत किया।
देहरादून में तहसील गेट बंद, फिर भी बढ़ा संक्रमण का खतरा
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सदर तहसील को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। अंदर प्रवेश बंद होने के कारण गेट पर लोगों का सुबह से ही तांता लग जाता है। जगह न होने के कारण यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं हो रहा है।
दरअसल, कोरोना संक्रमण के कारण तहसील में आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके लिए तहसील के गेट को बंद कर दिया गया है। गेट के पास पत्र पेटिका लगाई गई है। जहां लोगों को अपनी शिकायत या अन्य एप्लीकेशन इसी में डालने के लिए कहा जाता है। दो दिन बाद सैनिटाइज कर आवेदनों को लिया जाता है, लेकिन तहसील में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन का यह प्रयास सफल नहीं हो पा रहा है। यहां रोज भीड़ उमड़ रही है।
लोगों की भीड़ गेट पर ही जमा हो जा रही है। यहां पर जगह कम है। तहसील के ऊपर जिलापूर्ति कार्यालय का कार्यालय है। इसी रास्ते से लोग जाते हैं। इसलिए गेट पर दिनभर भीड़ लगी रहती है। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। नायब तहसीलदार जेएस राणा ने कहा कि लोगों को पत्र पेटिका में आवेदन डालने के साथ ही गेट पर भीड़ न लगाने के कहा जाता है। गार्ड को अब भीड़ न लगने देने के निर्देश दिए गए हैं।