कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रदेश के पांच जिलों में 63 कंटेनमेंट जोन बनाए हैं। शुक्रवार को देहरादून, टिहरी और ऊधमसिंह नगर जिले में एक-एक कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना संक्रमित मामले बढ़ने से देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, ऊधमसिंह नगर जिले में 63 कंटेनमेंट जोन बनाए गए।
इसमें देहरादून में 21, हरिद्वार में 29, टिहरी में नौ, पौड़ी में दो और ऊधमसिंह नगर में दो कंटेनमेंट जोन हैं। जहां पर आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी तरह की गतिविधियों और लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।
लॉकडाउन में अनुपस्थित रहे कर्मियों की छुट्टियों पर कैंची
प्रदेश में विभिन्न विभागों में लॉकडाउन के दौरान अनुपस्थित रहे कर्मचारियों की छुट्टियों पर कैंची चलाई जा रही है। कार्मिकों को अनुपस्थित अवधि के लिए अवकाश की अर्जी मांगी जा रही है। छुट्टियों पर कैंची चलने से आशंकित कर्मचारियों ने इसका विरोध किया है। उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी से शिकायत की है। उन्होंने विभाग व कार्यालयाध्यक्षों द्वारा छुट्टियों को लेकर किए जा रहे आदेश पर तत्काल रोक लगाने और लॉकडाउन अवधि की सभी छुट्टियों को विशेष अवकाश में समायोजित करने की मांग की है।
इस संबंध में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी और महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसांई ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा है। पत्र में कहा गया है कि कोविड 19 महामारी की रोकथाम के लिए 24 मार्च से पूरे देश व प्रदेश में लॉकडाउन कर दिया गया था। इस दौरान किसी भी व्यक्ति एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की इजाजत नहीं थी। निजी व व्यावसायिक परिवहन व्यवस्था तक बंद था। इस दौरान कई विभागों के कर्मचारी विभिन्न प्रकार के अवकाश पर आवश्यक कार्य के लिए मुख्यालय से बाहर थे। वे लॉकडाउन के कारण अपनी तैनाती स्थल पर योगदान नहीं दे सके। लेकिन कार्यालय खुले और कर्मचारी तैनाती स्थल में योगदान देने पहुंच रहे हैं तो कतिपय विभागाध्यक्ष व कार्यालयाध्यक्ष कर्मचारियों से उनकी अनुपस्थिति अवधि का अवकाश प्रार्थना पत्र मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को आदेश थे कि लॉकडाउन के दौरान महामारी अधिनियम 1897 के तहत घर से बाहर निकलने पर मुकदमा दर्ज होगा। ऐसी स्थिति में कर्मचारी का अपने कार्यालयों में उपस्थित न होना परिस्थतिजन्य और प्रशासन के आदेश के अनुसार था। इसमें किसी कर्मचारी का कोई अनैतिक इरादा नहीं था। ऐसे में यदि किसी कार्मिक को देय अवकाश में कटौती की जाती है तो यह उचित नहीं होगा। इससे कार्मिक का मनोबल गिरेगा। जबकि कार्मिक संकट की इस घड़ी में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने अनुरोध किया कि अपने कार्यस्थल से अवकाश लेकर अपने गृह जिले अथवा निवास में रह रहे ऐसे सभी कार्मिकों की छुट्टियों में कटौती के आदेश पर तत्काल रोक लगे। उनकी छुट्टियों को विशेष अवकाश के तौर पर समायोजित किया जाए।
कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होने की दर में पहाड़ आगे हैं। रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले को छोड़कर बाकी पर्वतीय जिलों में रिकवरी दर बेहतर है। अल्मोड़ा जिला में सबसे अधिक 96 प्रतिशत रिकवरी दर है। पूरे प्रदेश में अल्मोड़ा रिकवरी दर में पहले स्थान पर है।
जबकि उत्तरकाशी में 85 प्रतिशत, चमोली में 70 प्रतिशत, ऊधमसिंह नगर में 76, नैनीताल में 65 प्रतिशत रिकवरी दर है। संक्रमित मरीजों के ठीक होने की सबसे कम दर रुद्रप्रयाग जिले में सात प्रतिशत है। वहीं, मैदानी जिले देहरादून में 45 प्रतिशत, हरिद्वार में 43 प्रतिशत है।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में देरी से कोरोना संक्रमित मामले मिले हैं। इसके बावजूद पहाड़ों में रिकवरी रेट बेहतर है।
देहरादून जिले में कोरोना पॉजिटिव तीन मरीजों की मौत हो गई। इनमें से एक मामला दून अस्पताल और दो एम्स ऋषिकेश के हैं। एम्स में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत का आंकड़ा नौ पहुंच गया है, जबकि दून अस्पताल में 15 मरीज दम तोड़ चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, जीएमएस रोड निवासी 76 वर्षीय व्यक्ति को कुछ दिन से सांस लेने की दिक्कत हो रही थी। एक डॉक्टर की सलाह पर निजी लैब में उनका कोरोना टेस्ट कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार देर शाम उन्हें दून अस्पताल में भर्ती कराया था। कोरोना के स्टेट कोआर्डिनेटर एवं दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। अस्पताल पहुंचते ही उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया। देर रात उपचार के दौरान बुजुर्ग की मौत हो गई। इसके बाद जिला प्रशासन से बुजुर्ग के अंतिम संस्कार को लेकर निर्देश मांगे गए जिला प्रशासन के निर्देश पर रायपुर क्षेत्र स्थित स्पोर्ट्स कॉलेज के समीप श्मशान घाट में बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
उधर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में दो कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मृत्यु हो गई। दोनों मरीज कई और बीमारियों से पीड़ित थे। संस्थान के नोडल अधिकारी कोविड मधुर उनियाल ने बताया कि बृहस्पतिवार रात घनसाली निवासी कोरोना संक्रमित 56 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वे एक जून से भर्ती थे। वे 25 मई को मुंबई से मुनिकीरेती स्थित पूर्णानंद मैदान में पहुंचे थे, जहां उन्हें संस्थागत क्वारंटीन किया गया था।
28 मई को सांस लेने में दिक्कत होने पर वह एम्स की ओपीडी में आए थे। हालात बिगड़ने पर 1 जून को उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनकी कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। 6 जून को मरीज को कोविड आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। बृहस्पतिवार रात उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा कि व्यक्ति की 25 वर्षीय बेटी भी कोरोना पॉजिटिव आई है। उसका भी एम्स में इलाज चल रहा। जबकि परिवार के अन्य सदस्य अभी भी संस्थागत क्वारंटीन हैं।
संस्थान के नोडल अधिकारी कोविड मधुर उनियाल ने बताया कि गाजियाबाद से 9 जून को 25 वर्षीया महिला पेट में दर्द व सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर एम्स की ओपीडी में आई थीं। महिला कोविड सैंपल भी लिया गया था। 11 जून को सैंपल पॉजिटिव आने पर महिला को कोरोना वार्ड आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था। चिकित्सकों के अनुसार महिला को 10 दिनों से पेट में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ के साथ ही पिछले तीन दिनों से तेज बुखार की शिकायत थी। महिला की शुक्रवार सुबह मौत हो गई।
आधार कार्ड संबंधी समस्याओं को लेकर परेशान हो रहे लोगों के लिए यह अच्छी खबर है। देहरादून जिले में सोमवार से आधार केंद्र खुलने जा रहे हैं। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के प्रस्ताव को प्रशासन ने मंजूरी दे दी है।
एडीएम बीर सिंह बुदियाल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि यूआईडीएआई केंद्र के अलावा जनसेवा केंद्र व सरकारी कार्यालयों में संचालित आधार केंद्र को दोबारा शुरू किया जाएगा। इस संबंध में डाकघर समेत सभी सरकारी विभागों को पत्र भेज दिया है।
साथ ही संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। यूआईडीएआई के जीएमएस रोड स्थित केंद्र के मैनेजर आदित्य शुक्ला ने बताया कि लोगों को यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित केंद्र में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उस समय जो तारीख तय होगी उस दिन समय से पांच मिनट पहले केंद्र में पहुंचना होगा।
आज सैनिटाइज होंगे 50 वार्ड, फॉगिंग भी होगी
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए नगर निगम शनिवार को फिर से 50 वार्डों को सैनिटाइज करेगा। इस दौरान मुख्य सड़कों, बाजारों, दुकानों, सरकारी एवं निजी कार्यालयों को सैनिटाइज किया जाएगा। साथ ही डेंगू से बचाव के लिए फॉगिंग भी की जाएगी। शेष वार्डों में अगले दिन अभियान चलाया जाएगा।
शनिवार और रविवार की साप्ताहिक बंदी को देखते हुए शुक्रवार को मेयर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें 50 वार्डों को चार जोन में बांटा गया है। मेयर ने पार्षदों को भी अभियान में शामिल होने को कहा है। जिससे शहर और वार्ड अच्छे से सैनिटाइज हो जाएं।
अभियान में सैकड़ों अधिकारी व कर्मचारी शामिल होंगे। जो टैंकर और हैंड स्प्रे मशीन के जरिये एक प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लाइट का छिड़काव करेंगे। अभियान सुबह आठ बजे से शुरू होगा। साथ ही डेंगू को लेकर फॉगिंग भी की जाएगी।