प्रदेश में कोरोना मरीजों की मृत्यु दर कम नहीं हो रही है। अब तक कुल मरीजों की मौत में 87 प्रतिशत चार मैदानी जिलों में हुई है। इसमें सबसे अधिक देहरादून जिले में 767 प्रतिशत मौत हुई है। नौ पर्वतीय जिलों में मरीजों की मृत्यु दर बढ़ रही है।
प्रदेश में कोरोना का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। तब से लेकर 16 दिसंबर तक प्रदेश में 1375 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। इसमें 87 प्रतिशत से अधिक मौत सिर्फ चार मैदानी देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व ऊधमसिंह नगर में है। जबकि नौ पर्वतीय जिलों में 12.65 प्रतिशत मौत हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के आधार पर पर्वतीय जिलों में भी कोरोना मरीजों की मृत्यु बढ़ रही है। 16 अक्तूबर को नौ जिलों में मृत्यु दर 7.36 प्रतिशत थी। 16 नवंबर को मृत्यु दर बढ़ कर 9.14 प्रतिशत हो गई। वहीं, 16 दिसंबर को मृत्यु दर 12.65 प्रतिशत पहुंच गई है।
नौ पर्वतीय जिले पौड़ी, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत जिले में कुल 174 कोरोना मरीजों की मौत चुकी है।