उत्तराखंड में सैंपल जांच की दर राष्ट्रीय औसत से सात प्रतिशत कम है। प्रदेश में प्रति लाख आबादी पर 1188 सैंपल जांच किए जा रहे हैं। हरिद्वार जिले की आबादी सबसे अधिक होने के बाद भी सैंपल जांच अन्य जिलों की तुलना में सबसे कम है। हरिद्वार में सैंपल जांच की दर प्रति एक लाख पर 795 सैंपल है।
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने जिलों को कोविड सैंपलों की जांच क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि पहले की तुलना में प्रदेश में सैंपल जांच बढ़ी है। इसके बावजूद भी प्रदेश में सैंपलिंग की दर राष्ट्रीय औसत से सात प्रतिशत कम है। प्रदेश में प्रति एक लाख की आबादी पर 1188 सैंपलों की जांच की जा रही है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह दर प्रति लाख पर 1284 सैंपल है।
आबादी के आधार पर सैंपल जांच में चंपावत जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहां प्रति लाख पर 2017 सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। वहीं, उत्तरकाशी दूसरे और रुद्रप्रयाग जिला तीसरे स्थान पर है। वर्तमान में हरिद्वार जिला कोरोना संक्रमण को लेकर हॉट स्पाट बना है। हरिद्वार जिले की आबादी अन्य जिलों से अधिक होने के बाद भी यहां सैंपल जांच की दर सबसे कम है।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि पर्वतीय जिलों में सैंपलिंग जांच की दर अच्छी है। लेकिन कोरोना संक्रमण को लेकर हाट स्पॉट बना हरिद्वार जिले में सैंपल जांच बढ़ाने पर सरकार और विभाग को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
नैनीताल में सरकारी अस्पताल में तैनात एक लैब टेक्नीशियन की क्वारंटीन सेंटर में मौत हो गई। इससे स्वास्थ्य, पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। इधर, कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत कौशिक ने बताया कि मृतक लैब टेक्नीशियन मिर्गी की बीमारी से ग्रसित था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। बताया कि लैब टेक्नीशियन की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
बेड़ाझाल गांव निवासी 52 वर्षीय रमेश चंद्र रामनगर के सरकारी अस्पताल में लैब टेक्नीशियन थे। कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. कौशिक ने बताया कि बीते 23 जुलाई को सरकारी अस्पताल में एक युवक कोरोना की जांच कराने आया था, जहां उसमें कोरोना के लक्षण पाए गए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने अस्पताल के लैब को सील कर पूरे स्टाफ को ढिकुली स्थित एक रिजॉर्ट में क्वारंटीन कर दिया था। साथ ही नगर की एक निजी लैब को भी सील किया था, क्योंकि कोरोना पॉजिटिव युवक ने निजी लैब में भी अपनी कुछ जांच कराई थी।
बताया कि मंगलवार सुबह क्वारंटीन सेंटर में की अचानक तबियत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रमेश चंद्र की मौत के बाद सीओ पंकज गैरोला, कोतवाल रवि कुमार सैनी भी अस्पताल पहुंचे। डॉ. कौशिक ने बताया कि मंगलवार को मृतक को दौरा पड़ने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी। इससे पहले सोमवार को मृतक का सैंपल भी जांच के लिए भेजा था। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। कोतवाल रवि कुमार सैनी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
राजपुर रोड एस्लेहॉल स्थित कमल ज्वैलर्स के शोरूम में कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद जिला प्रशासन व पुलिस ने मंगलवार को शोरूम व उसके अगल-बगल की दो-दो दुकानों को बंद करा दिया है। बुधवार को इन दुकानों को सैनिटाइज कराया जाएगा।
कमल ज्वैलर्स के शोरूम में काम करने वाले कई कर्मचारियों को कोरोना होने की खबर फैलते ही पुलिस और जिला प्रशासन में खलबली मच गई। इसके बाद एसडीएम गोपाल राम बिनवाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने कमल ज्वैलर्स के शोरूम के साथ ही उसके दोनों तरफ मौजूद दो-दो दुकानों को भी बंद करा दिया। इस कार्रवाई से आसपास के दुकानों और शोरूम मालिकों में हड़कंप है। एसडीएम ने बताया कि बुधवार को सैनिटाइजेशन के बाद की स्थिति को देखते हुए ही शोरूम और अन्य दुकानों को सील करने का निर्णय लिया जाएगा।