कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन में12 प्रतिशत तक की कटौती की गई थी। बैंक खाते में वेतन आने के बाद ईपीएफ की कटौती को नहीं दर्शाया गया है। कर्मचारियों को भय है कि नौकरी जाने पर उनका ईपीएफ का पैसा भी नहीं मिलेगा।
कोरोना काल के समय जिले में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए नियुक्ति की गई थी। शासनादेश के आधार पर कर्मचारियों को अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया। तैनाती के दौरान ही बताया गया था कि 28 फरवरी तक उनकी सेवाएं रहेंगी। कर्मचारियों की सेवाएं जारी रखने के लिए अभी तक कोई नया आदेश नहीं मिला है।
- डीएस पंचपाल, सीएमओ
कोराना मुक्त हुआ बागेश्वर
बागेश्वर जिला कोरोना मुक्त हो गया है। वर्तमान में कोरोना का कोई सक्रिय मामला नहीं है। शुक्रवार को एक कोरोना मरीज को डिस्चार्ज करने के बाद जिले में कोरोना मरीजों की संख्या शून्य हो गई है।
जिले में 30 जनवरी से कोरोना को कोई नया मामला नहीं आया है। कोरोना मुक्त होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। सीएमओ डॉ. बीडी जोशी ने बताया कि बागेश्वर जिला एक बार फिर कोरोना मुक्त हो गया है। वर्तमान में यहां कोरोना का कोई सक्रिय मामला नहीं है। अब तक 1410 लोग कोरोना की चपेट में आए हैं।
जिले में अब तक कोरोना संक्रमित 17 लोगों की मौत हुई, जबकि 1393 ठीक हो चुके हैं। सीएमओ ने बताया कि कोरोना जांच के लिए रोजाना सैंपल भेजे जा रहे हैं। शुक्रवार को 199 सैंपल भेजे गए। अब तक 48655 सैंपल जांच को भेजे जा चुके हैं।