राजधानी देहरादून के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल दून अस्पताल के अलावा कोरोनेशन, गांधी शताब्दी अस्पताल, ऋषिकेश सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत तमाम सरकारी अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में अब डॉक्टरों की कमी नहीं होगी।
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कारण कि सरकार शासन व स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के 138 इंटर्न डॉक्टरों की दून अस्पताल समेत तमाम सरकारी अस्पतालों में तैनाती कर दी गई है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि फिलहाल पहले चरण में मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले 138 डॉक्टरों की तैनाती की गई है।
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वहीं, एमबीबीएस अंतिम वर्ष के 150 छात्रों को एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज करने का एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जैसे ही इन सभी छात्र छात्राओं को प्रशिक्षित कर दिया जाएगा तो इन सभी डॉक्टरों को भी तमाम सरकारी अस्पतालों में तैनाती कर दी जाएगी।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सयाना ने बताया कि प्रयास है कि दून अस्पताल समेत तमाम सरकारी अस्पतालों में अधिक से अधिक डॉक्टरों की तैनाती हो ताकि अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की दिक्कत ना आए।
आपको बता दें कि राजधानी के सरकारी अस्पतालों के साथ ही राज्य के सभी जिलों में स्थित जिला अस्पताल व प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के साथ ही पैरामेडिकल और स्टाफ नर्स की भारी कमी है। हालांकि कोरोना महामारी को देखते हुए राज्य सरकार, शासन की ओर से डॉक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है और फिलहाल पहले चरण में कई सौ डाक्टरों को तैनात किया गया है लेकिन अभी भी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है।
इंटर्नशिप करने वाले डॉक्टरों को मिलेंगे 10 हजार रुपये प्रतिमाह
उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले डॉक्टरों को इंटर्नशिप के दौरान प्रति माह 10 हजार रुपये का मानदेय दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना का कहना है कि सरकार शासन की ओर से जमानदेय की जो दरें तय की गई हैं उसे डॉक्टरों को मुहैया कराया जाएगा। एक सवाल के जवाब में कि क्या डॉक्टरों को सौ रुपये प्रतिदिन का का प्रोत्साहन भत्ता दिया जा रहा है इस पर प्राचार्य डॉ सयाना ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।