श्रीनगर में राजकीय मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल से 40 दिन पूर्व कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत का रिकॉर्ड ही गायब हो गया। कई बार चक्कर काटने के बाद जब परिजनों को रिकॉर्ड नहीं मिला, तो बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत की गई। तब जाकर रिकॉर्ड मिल पाया।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग निवासी पूर्व फौजी का विगत चार नवंबर की रात कोविड अस्पताल श्रीनगर में कोरोना संक्रमण से निधन हो गया था। अगले दिन अस्पताल ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। नियमानुसार, जब परिजन 21 दिन बाद मृत्यु प्रमाणपत्र लेने बेस अस्पताल आए, तो उन्हें टाल दिया गया।
मृतक के परिचित प्रीतम बर्त्वाल ने बताया कि परिजनों ने जब कई बार चक्कर लगाए तो उन्होंने अस्पताल के एमआरडी (मेडिकल रिकॉर्ड विभाग) में रिकॉर्ड के बारे में जानकारी हासिल की। पता चला कि मृतक का रिकॉर्ड ही गायब है।
40 दिन बाद भी उसकी सूचना दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि बेस अस्पताल के कर्मचारी लगातार उन्हें टाल रहे थे। कर्मचारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे थे। तब अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केपी सिंह से शिकायत की गई।
जब दबाव बना, तो रिकॉर्ड मिल गया। इधर, बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सिंह ने बताया कि एमआरडी में फाइल मिल गई है। परिजनों को मृत्यु प्रमाणपत्र दे दिया गया है।
स्कूलों में लगातार कोरोना संक्रमित मिलने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज तपोवन और कन्या हाईस्कूल देवाल में छात्र-छात्राएं और स्टाफ संक्रमित मिला। इस कारण स्कूल को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।
राजकीय इंटर कॉलेज में कोरोना के पांच मामले आने के बाद विद्यालय को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी जोशीमठ विवेक पंवार ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाचार्य, एक शिक्षक और एक चतुर्थ कर्मचारी के अलावा दो छात्रों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। एहतियातन विद्यालय को तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है। विद्यालय परिसर को सैनिटाइज किया जा रहा है।
वहीं कन्या हाईस्कूल देवाल में एंटीजन जांच के दौरान दो छात्राएं संक्रमित मिलने पर विद्यालय को तीन दिन के लिए बंद कर दिया है। वहीं, स्कूल की 50 बालिकाओं और ग्राम पंचायत घेस के 22 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए श्रीनगर भेजे गए।
स्वास्थ्य विभाग के ललित जुयाल ने बताया कि संक्रमितों को स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में होम आइसोलेशन में भेजा गया। प्रधानाचार्य अनीषा थपलियाल ने कहा कि विद्यालय को सैनिटाइज कर दिया गया है।
थौलधार ब्लॉक के जीआईसी कमांद में आठ छात्र कोरोना संक्रमित मिलने से विद्यालय तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि मंगलवार को जिले में 12 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं।
जीआईसी कमांद के प्रधानाचार्य सत्ये सिंह परमार ने बताया कि 11 दिसंबर को स्कूल में छात्र-छात्राओं की सैंपल लिए गए, जिनमें आठ छात्र कोरोना पॉजीटिव मिले हैं। बताया कि स्कूल को तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है।
एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने बताया कि मंगलवार को चंबा ब्लॉक क्षेत्र में चार, भिलंगना तीन, जौनपुर और थौलधार दो-दो, जाखणीधार ब्लॉक क्षेत्र में एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिला है।
सरोवर नगरी नैनीताल में मंगलवार को घूमने आया एक पर्यटक कोरोना पॉजिटिव पाया गया। संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उसे वापस दिल्ली भेज दिया गया। वहीं नगर के 14 लोग भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। सभी को आइसोलेट कर दिया गया है।
बीडी पांडे अस्पताल के पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि तल्लीताल में लेकब्रिज चुंगी पर कार से आए दिल्ली के दो पर्यटकों की जब थर्मल स्क्रीनिंग की गई तो उनमें से एक का तापमान सामान्य से ज्यादा निकला। इस पर दोनों का एंटीजन रैपिड टेस्ट किया गया।
जांच में एक पॉजिटिव आया और दूसरा निगेटिव। दोनों को दिल्ली लौटा दिया गया। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के नियमानुसार यदि कोई बाहर का व्यक्ति यहां पर आइसोलेट नहीं होना चाहता है तो उसे निजी गाड़ी या एंबुलेंस से उसके शहर की पुलिस और स्वास्थ्य महकमे को सूचित कर वापस भेज दिया जाता है।
अब पर्यटक को दिल्ली में ही आइसोलेट किया जाएगा। वहीं डॉ. धामी ने बताया कि नगर के हाईकोर्ट, पुलिस लाइन, तल्लीताल और मल्लीताल क्षेत्र के लोग भी पॉजिटिव आए। इनमें से बीडी पांडे अस्पताल में हिलांस कैंटीन चलाने वाली महिला शामिल है। कैंटीन को फिलहाल बंद कर दिया गया है। बताया कि नौ लोग आरटीपीसीआर और तीन-तीन रैपिड एंटीजन टेस्ट व ट्रू-नेट टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए।