कोटद्वार के डाडामंडी क्षेत्र के एक गांव के निवासी एक किशोर में कोरोना के लक्षण पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। किशोर को पीएचसी दुगड्डा से पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट (पीपीई) किट पहनाकर कोटद्वार बेस अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार डाडामंडी के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोर ऋषिकेश के एक आश्रम में संस्कृत की शिक्षा शिक्षा ले रहा है। वहां वह विदेशी पर्यटकों के संपर्क में आया। क्षेत्र में कोरोना का कहर होने और लॉकडाउन के कारण वह 21 मार्च को अपने गांव लौट आया। गांव पहुंचने के बाद युवक ने पीएचसी डाडामंडी और बेस अस्पताल में अपना चेकअप कराया, तब उसपर कोरोना के कोई लक्षण नहीं पाए जाने के कारण डाक्टरों ने उसे घर भेज दिया। बृहस्पतिवार को उसे खांसी, जुखाम और बुखार होने पर वह अपनी मां के साथ पीएचसी दुगड्डा पहुंचा। जिसपर डाक्टरों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में किशोर में कोराना के लक्षण पाए गए।
पीएचसी के चिकित्साधिकारी डा. फिरोज आलम ने इसकी पुष्टि की। बताया कि बृहस्पतिवार को डाडामंडी के एक गांव से युवक अपनी माता के साथ चिकित्सालय में आया। उसको लगातार खांसी हो रही थी, जुखाम और बुखार भी था। प्रारंभिक जांच में उसमें कोरोना के लक्षण पाए गए। उसे और उसकी मां को मास्क पहनाया गया। इसके बाद युवक पर कोरोना के लक्षण होने की सूचना बेस अस्पताल को दी गई। जिसपर बेस अस्पताल की टीम पीपीई किट लेकर पहुंची। टीम किशोर को किट पहनाकर बेस अस्पताल कोटद्वार ले गई। बेस अस्पताल के पीएस डा. वीसी काला ने बताया कि कोरोना के संदिग्ध किशोर को कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। शुक्रवार को उसके लार का सेंपल कोरोना जांच के लिए भेजा जाएगा।