रावत के मुताबिक कोरोना काल का असर फलों के राजा आम पर भी दिखाई दिया है। राजा आम को अब सहारे की जरूरत है। वे 30 जून को आम को सलाम कार्यक्रम के तहत परिजनों और करीबियों के साथ आम की दावत करेंगे और उसका वीडियो शेयर करेंगे। रावत ने समर्थकों से कहा कि वे भी अपने वीडियो शेयर करें। आम को सलाम और हरेला पर्व के बाद पहाड़ी ककड़ी का जायका लेने के लिए उन्होंने लोगों से अपने साथ जुड़ने की अपील की है।
प्रदेश सरकार से भी पूछा सवाल
हरीश रावत ने पर्यटन शुरू न होने पर सरकार से भी सवाल पूछा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की रीढ़ पर्यटन पर सरकार चुप क्यों हैं। कहीं कोई चिंतन नहीं दिख रहा है। चारधाम यात्रा शुरू नहीं हो रही, कांवड़ भी बंद, साहसिक पर्यटन, इको टूरिज्म सब पर बंदी है। सरकार सीमित स्तर पर यह सब शुरू क्यों नहीं करती। अन्य राज्य भी समान स्थिति में आर्थिक गतिविधियां शुरू कर ही रहे हैं।