वहीं, क्वारंटीन सेंटरों में भी मौत और आत्महत्या के मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि किसी भी कोरोना संक्रमित की मौत कोरोना से नहीं हुई, मौत के कारण दूसरी बीमारी रही।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रदेश में 15 हजार से अधिक लोगों को संस्थागत क्वारंटीन किया गया है। राज्य से बाहर के चिह्नित 31 रेड जोन से आने वाले लोगों को सात दिन तक संस्थागत क्वारंटीन किया जा रहा है।