डॉ. विनीता गुप्ता के अनुसार कोरोना संक्रमित कई गर्भवती महिलाओं में ओलिगो हाइड्रो एमनॉयस की समस्या देखने को मिल रही है। इससे गर्भस्थ शिशु के चारों तरफ पानी की कमी हो रही है। इसका असर शिशु के विकास पर भी पड़ रहा है। ऐसे में गर्भवती महिलाएं खुद को कोरोना संक्रमण से बचाने को लेकर हर संभव कदम उठाएं। कहा कि कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद गर्भवती महिलाएं तत्काल स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर गर्भस्थ शिशु की जांच कराएं।
गर्भवती महिलाएं क्या करें-क्या न करें
- कोरोना संक्रमण से बचने को लेकर मास्क लगाने के साथ ही हर संभव कदम उठाएं।
- कोरोना संक्रमित हो गई हैं तो परिजनों से छुपाए नहीं तत्काल आरटी पीसीआर टेस्ट कराने के साथ ही इलाज कराएं।
- खानपान पर खासा ध्यान दें। विटामिनयुक्त चीजें खाने के साथ ही दूध, अंडा के साथ हरी सब्जियों को खानपान में शामिल करें।
- गर्भस्थ शिशु की हलचल पर भी ध्यान रखें। यदि कुछ असामान्य लगे तो तत्काल विशेषज्ञ को दिखाएं।
- हमेशा सकारात्मक सोच रखें, बीमारी के बारे में बहुत अधिक चिंता न करें।