मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में 15 दिसंबर तक शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण कर लिया जाएगा। प्रदेश में कोविड 19 से प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों के लिए राहत पैकेज दिए गए हैं। चिकित्सा क्षेत्र में संसाधनों की कमी न हो, इसके लिए 205 करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया।
सुभाष रोड स्थित एक होटल में स्वास्थ्य संवाद-2021 में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं किस तरह और बेहतर हो सकती हैं, इस उद्देश्य से यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की संभावित तीसरी लहर के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। चिकित्सा क्षेत्र के लिए राज्य सरकार ने 205 करोड़ का पैकेज दिया गया है।
पर्यटन, परिवहन, संस्कृति क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी 200 करोड़ का राहत पैकेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा फैसिलिटेटर, पटवारी से नायब तहसीलदार तक, विकास से संबंधित विभागों के कार्मिकों एवं कांस्टेबल से सब इंस्पेक्टर तक को कोविड में सराहनीय कार्यों के लिए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए इस तरह के स्वास्थ्य संवाद कारगर साबित होंगे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मीडिया को जनता एवं सरकार के मध्य की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शीघ्र ही देहरादून, श्रीनगर और हल्द्वानी में भी मीडिया कर्मियों के लिए स्वास्थ्य संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के चेयरमैन डीके कोटिया, मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ.तृप्ति बहुगुणा, अपर सचिव अरुणेंद्र चौहान, अभिषेक त्रिपाठी, डॉ.कुलदीप टोलिया, डॉ.सरोज नैथानी, डॉ.मयंक बडोला, डॉ.जेसी पांडे सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पर्वतीय क्षेत्र में मजबूत करनी होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य संवाद कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए पक्ष-विपक्ष के विधायकों, नगर निगमों के मेयर, जिला पंचायतों के अध्यक्षों ने अपने विचार रखे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार को जिला चिकित्सालयों एवं संयुक्त चिकित्सालयों में और सुविधाएं बढ़ानी होगी, ताकि पर्वतीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य को शुरू में ही पृथक स्वास्थ्य मंत्री मिल गया होता तो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत हो गई होतीं। भाजपा विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि पहाड़ दूरस्थ क्षेत्रों के जिला अस्पतालों में हड्डी, महिला और बाल रोग विशेषज्ञों की अनिवार्य रूप से तैनाती हो। भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि अच्छी चिकित्सा हर नागरिक का अधिकार है। जो दुर्गम में लोगों को नहीं मिल पा रही है। इसके लिए सरकार को हर सीएचसी और पीएचसी में टेलीमेडिसिन सेवा शुरू करनी चाहिए।
इन्होंने भी रखी अपनी बात
स्वास्थ्य संवाद कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक मनोज रावत, हरीश धामी, काजी निजामुद्दीन, देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा, हरिद्वार की मेयर अनिता शर्मा, हल्द्वानी के मेयर जोगेंद्र पाल सिंह आदि ने भी अपने सुझाव दिए।