पर्यटन व्यवसायी प्रवीण शर्मा के अनुसार कोविड टेस्ट करवा कर कोई पर्यटक यहां नहीं आना चाहेगा, इसलिए उन्होंने यहां तक आफर दे दिया कि कोविड टेस्ट का खर्चा होटल मालिक वहन करेंगे, लेकिन यह भी कारगर नहीं हुआ।
वैक्सीन ले चुके लोगों को भी राहत नहीं
सरकार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार यहां आने वालों के लिए 72 घंटे पूर्व की निगेटिव रिपोर्ट लाने की सलाह दी गई है अर्थात यह बाध्यकारी नहीं है। हालांकि इसे लेकर पर्यटकों में असमंजस है और वे बगैर इसके यहां आने में हिचक रहे हैं। साथ ही जो लोग वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं उनके लिए भी कोई छूट न होने से भी व्यवसायी और पर्यटकों में असमंजस और आशंका है।
कॉर्बेट में असमंजस मगर पर्यटक बुकिंग रद्द नहीं
कॉर्बेट पार्क पहुंचे पर्यटक असमंजस में हैं। हालांकि अभी तक उन्होंने अपनी बुकिंग रद्द नहीं कराई है, लेकिन वे लगातार पूछताछ कर रहे हैं। पर्यटन सीजन होने के चलते कॉर्बेट में 10 अप्रैल तक बुकिंग फुल है। सीटीआर के सभी जोन इन दिनों फुल चल रहे हैं। इस दौरान पर्यटकों की आवाजाही भी अच्छी खासी है। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि कॉर्बेट में आने वाले पर्यटकों को कोविड नियमों के तहत सफारी कराई जा रही है। अभी तक किसी भी पर्यटक की बुकिंग रद्द नहीं हुई है।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जारी गाइड लाइन के बाद जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। अब नैनीताल के एंट्री प्वाइंट पर पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग और रैंडम जांच की जाएगी। बाहरी राज्यों से आने वालों के लिए 72 घंटे के भीतर कराई गई आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था बृहस्पतिवार पहली अप्रैल से शुरू होगी।
बीडी पांडे अस्पताल के पीएमएस डॉ. केएस धामी ने बताया कि कोरोना जांच के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। एक टीम बारा पत्थर चुंगी और एक टीम तल्लीताल चुंगी पर मौजूद रहेगी। जहां से पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें शहर में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा रैंडम कोरोना जांच की जाएगी। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से नैनीताल जिले में आने वालों के लिए कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।
इन राज्यों से आने वाले व्यक्तियों को बिना निगेटिव रिपोर्ट दिखाए जिले में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। किसी भी माध्यम (सड़क, रेल एवं वायु मार्ग) से आने वाले व्यक्तियों पर यह नियम लागू होंगे। यह भी कहा कि मुख्य सचिव और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की ओर से कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए जारी सभी दिशा-निर्देश जिले में पहली अप्रैल से यथावत लागू रहेंगे।
कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद रुद्रपुर से लगी यूपी की सीमा पर पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया है। 12 राज्यों से आने वाले लोगों की सीमा पर कोरोना की रैंडम जांच शुरू कर दी गई है। बुधवार को 200 से अधिक लोगों की जांच की गई। मंगलवार को राज्य सरकार ने दिल्ली समेत 12 राज्यों से उत्तराखंड आने वाले लोगों से कोरोना निगेटिव रिपोर्ट लेकर आने का आदेश जारी किया था। सरकार ने सभी जिलों में एक अप्रैल से यह आदेश प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। जिले से सटी रामपुर सीमा पर पुलिस प्रशासन ने शासन के आदेश का पालन 31 मार्च से ही शुरू कर दिया है। रामपुर सीमा पर बुधवार को सुबह से ही बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की कोरोना रैंडम जांच हुई। जांच के बाद ही वाहन चालकों और यात्रियों को रुद्रपुर में प्रवेश दिया जा सका। बुधवार को सीमा पर लोगों की रैंडम जांच की गई।
एसएसआई सतीश कापड़ी ने पुलिस कर्मियों के साथ सीमा पर वाहनों की चेकिंग की और लोगों से सुरक्षा के दृष्टिगत कोरोना जांच कराने की अपील की। वहीं एसपी क्राइम प्रमोद कुमार ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से सीमाओं पर कोरोना जांच शुरू कर दी गई है। 12 राज्यों से आने वाले लोगों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य रूप से दिखानी होगी। जांच रिपोर्ट नहीं लाने वालों की सीमा पर ही जांच कराई जाएगी। उन्होंने कोरोना से बचाव के लिए लोगों से जागरूक रहने के लिए कहा है।
ई-रिक्शे और टेंपो में बिना मास्क नहीं होगा सफर
एसपी क्राइम मिथिलेश सिंह ने कहा है कि ई-रिक्शे और टेंपो में बिना मास्क के सफर करने पर यात्रियों के चालान किए जाएंगे। उन्होंने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सवारियां बैठाने की नसीहत दी है। वहीं, सीओ यातायात बीएस भंडारी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस लाउडस्पीकर से बाजार में लोगों को जागरूक करेगी। गुरुवार से बाजार में चेकिंग की जाएगी।
यूपी से सटी जिले की सभी सीमाओं पर बृहस्पतिवार से विधिवत कोरोना की जांच की जाएगी। बाहरी राज्यों से आने वाले व अन्य लोगों के सैंपल लेने के बाद उनका पूरा डाटा स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम के पास उपलब्ध रहेगा। यदि कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसे आइसोलेट कर दिया जाएगा।
-डॉ. हरेंद्र मलिक, जिला नोडल अधिकारी कोविड-19