दून अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि उत्तरकाशी से युवक को लेकर चली एंबुलेंस रास्ते में करीब पौने घंटे तक अटकी रही। सूचना पर देहरादून सीएमओ कार्यालय से वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस भेजी गई। इस बीच करीब आधा से पौना घंटे लग गया। तब तक सड़क से मिट्टी हटने की वजह से उत्तरकाशी वाली एंबुलेंस दून के लिए रवाना हो चुकी थी। एक डॉक्टर के मुताबिक, युवक को न्यूमोनिया के साथ कोरोना भी था। ऐसे में लंबा सफर होने और समय पर वेंटिलेटर आदि की सुविधा न मिलने पर युवक को सांस लेने में दिक्कत बढ़ गई थी।
दून अस्पताल पहुंचते ही आईसीयू में भर्ती कराया
कोरोना के स्टेट को-ऑडिनेटर एवं दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह लगभग साढे़ पांच बजे युवक को दून अस्पताल पहुंचते ही आईसीयू में भर्ती किया। हालत ज्यादा खराब होने पर करीब 40 मिनट बाद युवक ने दम तोड़ दिया। दोपहर बाद कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार, शव परिजनों को सौंप दिया है। पीपीई किट और अन्य सुरक्षा उपायों के साथ सरकारी एंबुलेंस से शव को रायपुर के नजदीक स्थित श्मशान घाट ले जाया गया और अंतिम संस्कार कर दिया।
मोहल्ले को कंटेनमेंट जोन बनाया
युवक के मोहल्ले को प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन घोषित कर आवाजाही पर रोक लगा दी है। यहां 20 लोगों की रैपिड सैंपलिंग कराई गई। इनमें से दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके सैंपल जांच के लिए एम्स भेज दिए हैं। युवक और उसके परिजनों के संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन कर दिया है।
सर्वे टीम को किया अलर्ट
कुछ लोग झूठ बोलकर जिले में प्रवेश कर रहे हैं। होम क्वारंटीन के उल्लंघन करने की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। डीएम के अनुसार इसके लिए सर्वे टीम को अलर्ट कर दिया है। जिले में विस्तृत सर्वेक्षण कर खांसी, जुकाम, बुखार आदि के लक्षण वाले लोगों को चिह्नित किया जा रहा है।