मुख्यमंत्री ने कांटेक्ट ट्रेसिंग के माध्यम संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों की आरटीपीसीआर जांच की जाए। कोविड की पहली और दूसरी लहर के दौरान विकसित किए गए आईसीयू, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर व अन्य व्यवस्थाओं की जांच कर सुचारु करें। एक सप्ताह बाद फिर से मुख्यमंत्री स्तर पर कोविड की समीक्षा की जाएगी।
प्रदेश में सैंपल जांच के लिए 11 सरकारी लैब
सचिव स्वास्थ्य डा. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि पहले राज्य में कोरोना जांच के लिए एक भी लैब नहीं थी। वर्तमान में 11 सरकारी और 26 प्राइवेट लैब हैं। वर्तमान में आइसोलेशन बैड 31 हजार से अधिक हैं। जबकि आईसीयू की संख्या 1655 हो गई है। तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए आईसीयू में 53 प्रतिशत वृद्धि की गई है। मार्च 2020 में 116 वैंटिलेटर थे जो कि अब बढ़कर 1016 हो गई है। आक्सीजन सिलिंडर 22420 हैं। आक्सीजन कन्सेंट्रेटर बढ़ा कर 9838 किए गए हैं। ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट में 91 प्रतिशत वृद्धि हुई है। कोविड की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए सभी तैयारियां की गई है। 2097 ऑक्सीजन बेड, 475 एनआईसीयू, 465 पीआईसीयू बच्चों के लिए चालू किए गए हैं।