इसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्से, सफाई कर्मी, मरीजों को खाना देने वाले कर्मचारी आदि सभी शामिल हैं। कोरोना का इलाज व बचाव करने वाले कर्मचारी की संक्रमण से मौत हो जाती है तो उनके परिवार को 50 लाख का बीमा मिलेगा। प्रदेश सरकार ही डेथ सर्टिफिकेट जारी करेगी। जिसके बाद बीमा का क्लेम मिल सकेगा।
बीमे को लेकर कर्मचारियों में यह भ्रांति थी कि सिर्फ डॉक्टरों व नर्सों को ही बीमा में कवर किया गया है, जबकि ऐसा नहीं है। कोरोना इलाज के लिए समर्पित अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में संक्रमित मरीज का सामना करने वाले सभी कर्मचारियों को बीमा में शामिल किया गया है।
- नितेश कुमार झा, स्वास्थ्य सचिव