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Coronavirus Uttarakhand: 276 डॉक्टरों की तैनाती के आदेश जारी, तीन दिन में 477 की चयन प्रक्रिया हुई पूरी

Fri, 03 Apr 2020 01:00 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : डेमो फोटो
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उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से चयनित 276 डॉक्टरों को कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव कार्य में तैनात किया गया। बृहस्पतिवार को शासन ने डॉक्टरों की तैनाती की अधिसूचना जारी कर दी है। कोरोना महामारी से बचाव और रोकने के लिए सरकार ने डॉक्टरों की नियुक्ति करने में एक रिकॉर्ड बनाया है।

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तीन दिन के भीतर 477 डॉक्टरों की चयन प्रक्रिया उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने पूरी की है। बोर्ड के माध्यम से चयनित डॉक्टरों को शासन ने तत्काल प्रभाव से तैनाती के आदेश जारी किए गए हैं। सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा की ओर से आदेश के अनुसार 276 डॉक्टरों को कोरोना संक्रमण के बचाव कार्य में तैनात किया गया है। प्रदेश में अब डॉक्टरों की संख्या रिक्त पदों के सापेक्ष लगभग 2500 हो गई है।

प्रदेश में 2700 डॉक्टरों के पद सृजित हैं। इसमें 2100 डॉक्टर पहले से तैनात थे। जबकि पांच सौ से अधिक पद खाली थे। पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में सबसे ज्यादा डॉक्टरों की कमी है। सरकार की ओर से नई भर्ती करने से स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों की कमी से थोड़ी राहत मिली है।

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नियमित भर्ती से भरे जाएं नर्सों के खाली पड़े पद

उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन ने प्रदेश में नर्सों के खाली पदों को नियमित भर्ती से भरने की मांग की है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश कोरोना वायरस से जूझ रहा है। इसके बावजूद चिकित्सा शिक्षा में नर्सों के शत प्रतिशत और स्वास्थ्य विभाग में 60 फीसदी पद खाली हैं ।

जिससे नर्सों पर काम का दबाव अधिक है। एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष मीनाक्षी जखमोला और प्रदेश महामंत्री कांति राणा ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि चिकित्सा शिक्षा में नर्सों के खाली पदों पर कुछ में संविदा एवं कुछ में एनएचएम कर्मियों को तैनात किया गया है। ऐसी विकट महामारी के समय इतनी बड़ी संख्या में नर्सेज के खाली पदों को जल्द भरा जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि नर्सों की सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे की ड्यूटी होती है। नर्सों के ऊपर पूरे अस्पताल के रखरखाव प्रबंधन एवं समस्त मरीजों की पूरी जिम्मेदारी होती है। सरकार की ओर से 15 हजार मासिक मानदेय पर नर्सों की तैनाती की जा रही है जो ठीक नहीं है। इससे अत्यंत जोखिम एवं जिम्मेदार पद पर कार्य करने वाली नर्सें हतोत्साहित हो रही है । संगठन ने कहा कि डॉक्टरों की तर्ज पर नर्सों की नियमित नियुक्तियां की जाएं। समस्त नर्सों को अच्छी गुणवत्ता वाले पीपीई किट दिए जाएं। जबकि एनएचएम के तहत नर्सेज को न्यूनतम 30 हजार रुपये मानदेय दिया जाए।
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