उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन ने प्रदेश में नर्सों के खाली पदों को नियमित भर्ती से भरने की मांग की है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश कोरोना वायरस से जूझ रहा है। इसके बावजूद चिकित्सा शिक्षा में नर्सों के शत प्रतिशत और स्वास्थ्य विभाग में 60 फीसदी पद खाली हैं ।
जिससे नर्सों पर काम का दबाव अधिक है। एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष मीनाक्षी जखमोला और प्रदेश महामंत्री कांति राणा ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि चिकित्सा शिक्षा में नर्सों के खाली पदों पर कुछ में संविदा एवं कुछ में एनएचएम कर्मियों को तैनात किया गया है। ऐसी विकट महामारी के समय इतनी बड़ी संख्या में नर्सेज के खाली पदों को जल्द भरा जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि नर्सों की सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे की ड्यूटी होती है। नर्सों के ऊपर पूरे अस्पताल के रखरखाव प्रबंधन एवं समस्त मरीजों की पूरी जिम्मेदारी होती है। सरकार की ओर से 15 हजार मासिक मानदेय पर नर्सों की तैनाती की जा रही है जो ठीक नहीं है। इससे अत्यंत जोखिम एवं जिम्मेदार पद पर कार्य करने वाली नर्सें हतोत्साहित हो रही है । संगठन ने कहा कि डॉक्टरों की तर्ज पर नर्सों की नियमित नियुक्तियां की जाएं। समस्त नर्सों को अच्छी गुणवत्ता वाले पीपीई किट दिए जाएं। जबकि एनएचएम के तहत नर्सेज को न्यूनतम 30 हजार रुपये मानदेय दिया जाए।