गर्भवती के पंजीकरण के बाद टीकाकरण के अलावा महिला व गर्भ में पल रहे बच्चे की तीसरे, पांचवे, सातवें माह होने वाली जांच रिपोर्ट एप पर जारी की जा रही हैं। महिला व गर्भ में बच्चे को दिक्कत होने पर विशेषज्ञों की राय से इलाज किया जा रहा है। प्रसव की संभावित तिथि से एक माह पहले से गर्भवती महिला के परिजनों, आशा, एएनएम और डॉक्टर के मोबाइल पर संदेश जारी हो रहे हैं।
एप में ये लोग शामिल
हाई रिस्क गार्भवती महिला के अलावा उसके पति, संबंधित अस्पताल की एएनएम, डॉक्टर, जिला अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ, सहायक डॉक्टर, स्टॉफ नर्स, सीएमओ और जिलाधिकारी को शामिल किया गया है।
पिछले सवा साल से विभाग द्वारा मां एप के माध्यम से जिले में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की एएनएम व अन्य के द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही हैं। साथ ही सुरक्षित प्रसव में भी इजाफा हो रहा है।
- डा. शंभू कुमार झा, मुख्य चिकित्साधिकारी रुद्रप्रयाग